मराठी

भाई साहब भी कनकौए उड़ाना चाहते थे पर किस भावना के कारण वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर पा रहे थे?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भाई साहब भी कनकौए उड़ाना चाहते थे पर किस भावना के कारण वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर पा रहे थे?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

भाई साहब के अंदर भी बचपना छिपा था। इस बचपने को वे बलपूर्वक दबाकर अपनी बालसुलभ इच्छाओं का गला घोटे जा रहे थे। वे खेलने-कूदने और पतंग उड़ाने जैसा कार्य करना चाहते थे, परंतु कर्तव्य और बड़प्पन की भावना के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे थे। यदि वे स्वयं खेलकूद में लग जाते तो लेखक को पढ़ने के लिए कैसे प्रेरित करते।

shaalaa.com
बड़े भाई साहब
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल क्या पूछते थे?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए -

बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने बड़े थे और वे कौन-सी कक्षा में पढ़ते थे?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -

एक दिन जब गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटे भाई बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बड़े भाई की डाँट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −

फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −

आँखे आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलकर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।


प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं। इनमें से कहानियाँ पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। कुछ कहानियों का मंचन भी कीजिए।


खेल में लौटे १ई साब लेखक का साइत किस तरह करते थे?


‘मुझे देखकर भी सबक नहीं लेते’-ऐसा कहकर भाई साहब लेखक को क्या बताना चाहते थे?


डाँट-फटकार लगाते भाई साहब लेखक को क्या-क्या सलाह दे डालते थे? उनके ऐसे व्यवहार को आप कितना उचित समझते हैं?


बड़े भाई साहब ने लेखक का घमंड दूर करने के लिए क्या उपाय अपनाया?


भाई साहब ने अपने दरजे की पढ़ाई का जो चित्र खींचा था उसका लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा?


भाई साहब के फेल होने और खुद के अव्वल आने पर लेखक के मन में क्या-क्या विचार आए?


भाई साहब भले ही फेल होकर एक कक्षा में दो-तीन साल लगाते थे पर उनकी सहज बुधि बड़ी तेज़ थी। स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'बड़े भाई साहब' कहानी से प्राप्त प्रेरणा को दर्शाते हैं -

  1. कथनी और करनी का अंतर हमारी स्थिति को हास्यास्पद बना सकता है।
  2. पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी छात्र जीवन के आवश्यक अंग हैं।
  3. केवल परीक्षा से पहले ध्यान लगाकर पढ़ लेने से प्रथम आ सकते हैं।
  4. बड़े भाई साहब ज्ञान की बातें लेखक को आसानी से समझा देते हैं।

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

परिवार के अनुभवी जनों द्वारा दी गई सीख भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होती है। आपके द्वारा स्पर्श पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पाठ के माध्यम से भी है यह ज्ञात होता है। कहानी के पात्रों के माध्यम से कथन को सिद्ध कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×