मराठी

भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

बिस्मिल्ला खाँ ने भारत रत्न मिलने पर भी कभी स्वयं पर घमण्ड नहीं किया। उन्होंने हिन्दू-मुस्लिम एकता को कायम रखने का प्रयास किया। एक दिन, जब उन्होंने फटी लुँगिया पहनी, तो उनकी एक शिष्याने उन्हें रोका। उन्होंने शिष्या को समझाया कि मनुष्य की प्रतिभा महत्वपूर्ण होती है, न कि दिखावा।

shaalaa.com
नौबतखाने में इबादत
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2022-2023 (March) Delhi 1

संबंधित प्रश्‍न

पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।


बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से जुड़ी उन घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख करें जिन्होंने उनकी संगीत साधना को समृद्ध किया?


बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?


अमीरुद्दीन के मामा की दिनचर्या की शुरुआत कैसे होती थी?


बिस्मिल्ला खाँ बालाजी मंदिर क्यों जाया करते थे? वे किस रास्ते से मंदिर जाया करते थे?


इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?


बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?


बिस्मिल्ला खाँ फ़िल्म देखने के अपने शौक को किस तरह पूरा किया करते थे?


उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी विश्वनाथ जी के प्रति अपार श्रद्धा रखते हैं, स्पष्ट कीजिए।


‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


मंगलध्वनि किसे कहते हैं?


शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

बिस्मिल्ला खाँ 'मालिक' से कौन-सी दुआ माँगते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू सामने उभरता है?


शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

काशी में किस प्रकार के परिवर्तन हो रहे थे और उन परिवर्तनों पर बिस्मिल्ला खाँ क्या सोचते थे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×