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प्रश्न
भारत में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें और इस आपदा के निवारण के कुछ उपाय बताएँ।
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उत्तर
भारत में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में हिमालय की युवा पर्वत शृखलाएँ, अंडमान निकोबार, पश्चिमी घाट और नीलगिरी में अधिक वर्षा वाले क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, भूकंप प्रभावी क्षेत्र और अत्यधिक मानव क्रियाकलापों वाले क्षेत्र, जिनमें सड़क और बाँध निर्माण इत्यादि आते हैं।
हिमालय पार के कम वर्षा वाले क्षेत्र जैसे लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में स्फीति क्षेत्र, अरावली पहाड़ियों में कम वर्षा वाले क्षेत्र, पश्चिमी व पूर्वी घाट के दक्कन पठार के वृष्टि छाया क्षेत्र ऐसे इलाके हैं, जहाँ कभी-कभी भूस्खलन होता है। इसके अतिरिक्त झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और केरल में खानों और भूमि धंसने से भूस्खलन होता रहता है। आपदा के निवारण के उपाय
- भूस्खलन वाले क्षेत्रों में वृक्षारोपण अधिक करना चाहिए।
- तीव्र ढाल को कम करने के लिए सीढ़ीनुमा खेत बना देना चाहिए।
- भूस्खलन वाले क्षेत्रों में सड़कों के किनारे तथा गाँवों के किनारे प्रतिरोध दीवार को बनाना चाहिए।
- अधिक ढाल वाले या भूस्खलन वाले क्षेत्रों में मकान या भवन का निर्माण नहीं करना चाहिए तथा नदी की धारा अवरूद्ध न हो इसके लिए पर्वतीय क्षेत्रों में नदी के किनारे तटबंध बनाना चाहिए।
