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प्रश्न
बारिश के चलते स्कूल आने-जाने के समय के अनुभव बताइए। किसी रोचक घटना को भी साझा कीजिए।
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
बारिश के दिनों में स्कूल आना-जाना बहुत सुहावना और थोड़ा कठिन दोनों होता है। छाता या रेनकोट लेकर चलना पड़ता है। रास्ते में पानी भरा रहता है, इसलिए जूते और बस्ता भीगने का डर बना रहता है। कभी-कभी अचानक तेज़ बारिश होने पर हम पास की दुकान या पेड़ के नीचे शरण लेते हैं। गलियों में भरे पानी में कागज़ की नाव बहाना बड़ा मज़ेदार लगता है।
रोचक घटना – एक दिन छुट्टी के समय अचानक मूसलाधार बारिश होने लगी। हमने बस्तों को सिर पर ढाल की तरह रखा और एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी मेरे दोस्त के जूते पर एक मेंढक कूदकर बैठ गया। वह इतना चीखा कि सब पेड़ के नीचे से बाहर भाग निकले और भीगते हुए हँसते-हँसते लोटपोट हो गए। आज भी वह दिन याद आते ही हम हँस पड़ते हैं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
