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प्रश्न
अत्र ग्राह्याः गुणाः, त्याज्याः दोषाः च कोष्ठकेषु लिखिताः। दोषयुक्तानि कोष्ठक चिनुत -
| गुरुवचनम् | गुरुनिन्दा | तत्त्वज्ञता | मूढता |
| धर्मः | विवेकः | चञ्चलता | शिष्यहितम् |
| सज्जनता | शुद्धं मनः | कीर्तिः | सङ्ग्रहः |
| त्यागः | अनभ्यासः | अपयशः | मूर्खत्वम् |
| अभ्यासः | साधुजनमैत्री | गुप्तपापम् | अभिमानः |
अति संक्षिप्त उत्तर
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उत्तर
- गुरुनिन्दा
- मूढता
- चञ्चलता
- सङ्ग्रहः
- अनभ्यासः
- अपयशः
- मूर्खत्वम्
- गुप्तपापम्
- अभिमानः।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
