मराठी

अपनी छाती का नाप लो - एक लंबी गहरी साँस भरो। अपने साथी से कहो कि वह एक धागे से तुम्हारी छाती का नाप ले। नाप अब साँस छोड़ो और फिर अपने साथी से तुम्हारी छाती नापने को कहो। नाप क्या छाती के

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अपनी छाती का नाप लो - एक लंबी गहरी साँस भरो।

  • अपने साथी से कहो कि वह एक धागे से तुम्हारी छाती का नाप ले। नाप ______ 
  • अब साँस छोड़ो और फिर अपने साथी से तुम्हारी छाती नापने को कहो। नाप ______
  • क्या छाती के नाप में कुछ फ़र्क आया?
टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

  • छाती का नाप 25 ईंच।
  • छाती का नाप 24 ईंच।
  • हाँ, छाती के नाप में 1 ईंच का फर्क आया।
shaalaa.com
उसी से ठंडा उसी से गर्म
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 15: उसी से ठंडा उसी से गर्म - करके देखो और चर्चा करो [पृष्ठ १४४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
पाठ 15 उसी से ठंडा उसी से गर्म
करके देखो और चर्चा करो | Q 5 | पृष्ठ १४४

संबंधित प्रश्‍न

बालिश्तिये ने जब यह देखा कि लकड़हारा आग सुलगाने के लिए भी और आलू ठंडा करने के लिए भी फूँक रहा था तो उसे बड़ी हैरानी हुई।

अपने हाथों को मुँह के पास लाकर ज़ोर से दो-तीन बार फूँक मारो। मुँह से छोड़ी हुई फूँक की हवा आस-पास की हवा के मुकाबले कैसी लगी?


अपने रुमाल या किसी भी मुलायम कपड़े को दो-तीन बार मोड़ दो। उसे मुँह के पास लाकर दो-तीन बार जोर से फूँक मारो। क्या रूमाल या कपड़ा कुछ गर्म हो गया? करके देखो।


बालिश्तिये ने देखा कि लकड़हारा गर्म-गर्म आलू को फूँक मारकर ठंडा कर रहा था। अगर वह बिना फूँक मारे ही गर्म-गर्म आलू को खा लेता तो क्या होता?


चित्र 1 - मिन्नी ने चाय को फूँक मार-मारकर जल्दी से ठंडा किया। तुम्हें क्या लगता है कि मिन्नी की चाय ज़्यादा गर्म होगी या उसकी फूँक की हवा?

 


क्या तुमने कभी देखा या सुना है कि लोग अलग-अलग चीज़ों के इस्तेमाल से अलग-अलग तरह का संगीत बजाते हैं। जैसे - बाँसुरी, ढोलक, बीन, मृदंग, गिटारे, आदि। क्या तुम आँखें बंद करके इनकी आवाज़ें पहचान सकते हो? इन सभी चीज़ों के बारे में और बातें पता करो। चित्र भी इकठ्ठे करो।


क्या तुम ऐसी चीज़ों के नाम बता सकते हो, जिनमें फूँक मारने से सुहावनी आवाज़ निकलती है? उनके नाम लिखो।


अपने हाथ को अपनी छाती पर रखो। अब साँस भरो। क्या हुआ? छाती अंदर गई या बाहर?


अब फिर अपनी नाक के आगे अँगुली रखकर गिनो कि तुमने एक मिनट में कितनी बार साँस छोड़ी।


बैठे-बैठे और कूदने के बाद साँस गिनी तो कितना फ़र्क पाया?


घड़ी की सुई से होती टिक-टिक की आवाज़ तो तुमने सुनी होगी। क्या तुमने कभी सुना या देखा है कि डॉक्टर हमारी छाती पर स्टेथोस्कोप लगाकर हमारी धड़कन सुन सकते हैं? यह आवाज़ कहाँ से आती है? क्या हमारे अंदर भी कोई घड़ी है जो हमेशा धड़कती रहती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×