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प्रश्न
अपने समूह के साथ मिलकर इस कविता की अन्य विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
- पंक्तियाँ लयबद्ध और तुकान्त हैं: हर पंक्ति के अंत में मिलती-जुलती ध्वनि आती है, जैसे रही है– रही है, रहे हैं– बहे हैं, सब– अब, होते– खोते, सारे– प्यारे।
- वाक्य संरचना में भिन्नता है: कुछ पंक्तियाँ सरल वाक्य हैं, जैसे बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं, पानी बरस रहा है। कुछ में शब्दों का क्रम बदला हुआ है, जैसे वर्षा-बहार सब के, मन को लुभा रही है; चलती हवा है ठंडी, हिलती हैं डालियाँ सब।
- शीर्षक और विषय: वर्षा-बहार एक साथ रखकर वर्षा ऋतु की सुंदरता और आनंद दिखाया गया है।
- प्रकृति-चित्रण: कवि ने बादल, बिजली, हवा, झरने, ताल, पपीहे, मोर, मेंढक, गुलाब, हंस, किसान आदि के जीवित चित्र बनाए हैं।
- भाव-सुंदरता: वर्षा से ग्रीष्म का ताप मिट जाता है, प्राणी खुश होते हैं और जगत की शोभा बढ़ती है।
- भाषा-शैली: भाषा सरल, लौकिक और वर्तमान काल की है; घनघोर, अनूठी, सुगीत प्यारे आदि शब्द कविता को संगीत देते हैं।
- शब्द-सौंदर्य: तुक, लय, दृश्य-चित्र और मीठे शब्दों के प्रयोग से कविता सुनने-पढ़ने में आनंददायक लगती है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
