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अक्रिस्टलीय ठोस किन परिस्थितियों में क्रिस्टलीय ठोस में परिवर्तित हो जाता है?

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प्रश्न

अक्रिस्टलीय ठोस किन परिस्थितियों में क्रिस्टलीय ठोस में परिवर्तित हो जाता है?

फरक स्पष्ट करा
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उत्तर

गुण क्रिस्टलीय ठोस अक्रिस्टलीय ठोस
आकार निश्चित अभिलक्षणिक ज्यामितीय आकार असमाकृति आकार
गलनांक निश्चित और अभिलक्षणिक ताप पर पिघलते हैं।  ताप के एक परास में धीरे-धीरे नरम पड़ते हैं

विदलन गुण

तेज धार वाले औजार से काटने पर यह दो टुकड़ों
में विभक्त हो जातें हैं और नई जनित सतहें सपाट
और चिकनी होती हैं।
तेज धार वाले औजार से काटने पर, यह अनियमित सतहों वाले दो टुकड़ों में कटजाते हैं।
गलन एन्थैल्पी  इनकी गलन एन्थैल्यी निश्चित और अभिलक्षणिक 
होती है।
इनकी गलन एन्यैल्यी निश्चित नहीं होती।
दैशिकता विषमदेशिक प्रकृति के होते है। समदेशिक प्रकृति के हाते हैं।
प्रकृति वास्तविक ठोस आभासी ठोस अथवा अतिशीतित द्रव्य
अवयवी कणों को व्यवस्था में क्रम दीर्घ परासी व्यवसाय  केवल लघु परासी व्यवस्था
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अक्रिस्टलीय एवं क्रिस्टलीय ठोस
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q III. 63. | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्‍न

‘अक्रिस्टलीय' पद को परिभाषित कीजिए। अक्रिस्टलीय ठोसों के कुछ उदाहरण दीजिए।


निम्नलिखित को अक्रिस्टलीय तथा क्रिस्टलीय ठोसों में वर्गीकृत कीजिए।

पॉलियूरिथेन, नैफ्थेलीन, बेन्जोइक अम्ल, टेफ्लॉन, पोटैशियम नाइट्रेट, सेलोफेन, पॉलिवाइर्निल क्लोराइड, रेशा काँच, ताँबा।


निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण क्रिस्टलीय ठोस का नही है?


निम्नलिखित में से कौन-सा एक अक्रिस्टलीय ठोस है?


क्वार्ट्ज काँच के आपवर्तनांक के मान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?


अक्रिस्टलीय ठोसों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?


क्रिस्टलीय ठोसों के निश्चित गलनांक का कारण है ______।


अक्रिस्टलीय ठोसों को ______ कह सकते हैं।

  1. छद्म ठोस
  2. वास्तविक ठोस
  3. अतिशीतित द्रव
  4. अतिशीतित ठोस

क्वार्ट्ज़ काँच के निम्नलिखित में से कौन से अभिलक्षण नहीं होते?

(i) यह एक क्रिस्टलीय ठोस होता है।

(ii) सभी दिशाओं में इसका अपवर्तनांक समान होता है।

(iii) इसकी गलन की ऊष्मा निश्चित होती है।

(iv) इसे अतिशीतित द्रव भी कहते हैं।


कणों का दीर्घ परास व्यवस्था क्रम होने पर भी सामान्यत: क्रिस्टल आदर्श क्यों नहीं होते?


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