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“ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है” निबंध के उपर्युक्त संदर्भ से आपके लिए दो प्रश्न बनाए गए हैं- (क) रचनाकार को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है?

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प्रश्न

“ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है”

निबंध के उपर्युक्त संदर्भ से आपके लिए दो प्रश्न बनाए गए हैं-

(क) रचनाकार को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद आता है?

(ख) आपको किस तरह के प्रश्नों को बूझना रोचक लगता है?

अब इस निबंध के आलोक में नीचे दी गई सामग्री को पढ़कर तीन प्रश्न बनाइए और लिखिए।

यह सोचना एकदम निराधार है कि केवल संपन्न व्यक्ति ही देश की प्रगति और विकास में योगदान दे सकते हैं। देश की सुरक्षा का विषय हो अथवा ऐश्वर्य व संपन्नता का, सभी नागरिकों का अपनी ही तरह से योगदान होता है। हम सब नागरिक अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम यदि कुछ भी गलत करते हैं तो उससे अपनी छवि ही धूमिल नहीं होती अपितु अपने देश की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
सविस्तर उत्तर
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उत्तर

(क) रचनाकार को ऐसे प्रश्नों के उत्तर देने में आनंद मिलता है जो विचारों को विस्तार देते हैं, किसी विषय को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं और उसे गहराई से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

(ख) मुझे ऐसे प्रश्नों को समझना रोचक लगता है जो सोचने पर मजबूर करें, नए दृष्टिकोण प्रस्तुत करें और किसी विषय की गहराई को समझने में सहायता करें।

दिए गए अनुच्छेद के आधार पर तीन उपयुक्त प्रश्न इस प्रकार बनाए जा सकते हैं-

  • क्या देश की उन्नति और विकास में योगदान देने का दायित्व केवल धनी लोगों का है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
  • देश के प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर राष्ट्र के विकास तथा सुरक्षा में किस प्रकार सहयोग कर सकते हैं?
  • किसी नागरिक द्वारा किए गए अनुचित कार्यों से देश की प्रतिष्ठा और छवि पर क्या प्रभाव पड़ता है?
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  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: मैं और मेरा देश - अभ्यास [पृष्ठ १३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Ganga [English] Class 9
पाठ 7 मैं और मेरा देश
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १३१
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