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प्रश्न
ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन को गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण से क्यों नहीं बनाया जा सकता?
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उत्तर
गैब्रिएल संश्लेषण का प्रयोग प्राथमिक ऐमीनों के विरचन के लिए किया जाता है। थैलिमाइड ऐथेनॉलिक पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया द्वारा थैलिमाइड का पोटैशियम लवण बनाता है जो ऐल्किल हैलाइड के साथ गरम करने के पश्चात् क्षारीय जलअपघटन द्वारा संगत प्राथमिक ऐमीन उत्पन्न करता है। ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन इस विधि से नहीं बनाई जा सकतीं क्योंकि ऐरिल हैलाइड थैलिमाइड से प्राप्त ऋणायन के साथ नाभिकरागी प्रतिस्थापन; अभिक्रिया नहीं कर सकते।



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निम्नलिखित के कारण बताइए।
प्राथमिक ऐमीन के संश्लेषण में गैब्रिएल थैलिमाइड संश्लेषण को प्राथमिकता दी जाती है।
निम्नलिखित को क्रम में लिखिए।
क्षारकीय प्राबल्य के बढ़ते क्रम में –
ऐनिलीन, पैरा-नाइट्रोऐनिलीन एवं पैरा-टॉलूडीन
आप एथेनेमीन को मेथेनेमीन में कैसे परिवर्तित करेंगे?
आप नाइट्रोमेथेन को डाइमेथिलऐमीन में कैसे परिवर्तित करेंगे?
निम्नलिखित पर लघु टिप्पणी लिखिए।
अमोनीअपघटन
निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{CH3CH2I ->[NaCN] A ->[OH-][{आंशिक जलयोजन}] B ->[NaOH + Br2] C}\]
निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{C6H5NO2 ->[Fe/HCl] A ->[NaNO2 + HCl][273 K] B ->[H2O/H+][\Delta] C}\]
निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{CH3COOH ->[NH3][\Delta] A ->[NaOBr] B ->[NaNO2/HCl] C}\]
एक ऐरोमैटिक यौगिक ‘A’ जलीय अमोनिया के साथ गरम करने पर यौगिक ‘B’ बनाता है जो Br2 एवं KOH के साथ गरम करने पर अणु सूत्र C6H7N वाला यौगिक ‘C’ बनाता है। A, B एवं C यौगिकों की संरचना एवं इनके आइयूपीएसी नाम लिखिए।
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5N2Cl + H3PO2 + H2O ->}\]
