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अगली छुट्टियों में तुम्हें नानी के पास जाना है। वहाँ तुम क्या-क्या करोगे, कैसे वक्त बिताओगे-इस पर एक अनुच्छेद लिखो।तुमने जो तीन अनुच्छेद लिखे उनमें से पहले का संबंध उससे है

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प्रश्न

 अगली छुट्टियों में तुम्हें नानी के पास जाना है। वहाँ तुम क्या-क्या करोगे, कैसे वक्त बिताओगे-इस पर एक अनुच्छेद लिखो।
तुमने जो तीन अनुच्छेद लिखे उनमें से पहले का संबंध उससे है जो बीत चुका है। दूसरे में अभी की बात है और तीसरे में बाद में घटने वाली घटनाओं को वर्णन है। इन अनुच्छेदों में इस्तेमाल की गई क्रियाओं को ध्यान से देखो। ये बीते हुए, अभी के और बाद के समय के बारे में बताती हैं।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

अगली छुट्टियों में मैं अपनी माँ और छोटे भाई के साथ नानी के पास जाऊँगा। वहाँ पूरी छुट्टी रहूंगा। नानी के घर के पास एक बहुत बड़ा नहर है। उसमें मैं रोज नहाऊँगा। आस-पास के लड़के-लड़कियों से दोस्ती करूंगा और शाम के समय उनके साथ तरह-तरह के खेल खेलूंगा। टी.वी. बिल्कुल नहीं देखेंगा। कभी-कभी नानाजी के साथ सब्जी खरीदने बाजार जाऊँगा और वहाँ से खाने की चीजें लाऊँगा। मेरी नानी को कहानियाँ बहुत याद हैं। रोज रात मैं उनके पास सोऊँगा और मजेदार कहानियाँ सुनूंगा।

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वे दिन भी क्या दिन थे
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: वे दिन भी क्या दिन थे - वे दिन भी क्या दिन थे [पृष्ठ ६७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 5
पाठ 8 वे दिन भी क्या दिन थे
वे दिन भी क्या दिन थे | Q 2. (ग) | पृष्ठ ६७

संबंधित प्रश्‍न

रोहित ने कहा था, “कितनी पुस्तकें बेकार जाती होंगी। एक बार पढ़ी और फिर बेकार हो गईं।” क्या सचमुच में ऐसा होता है?


तुम कागज़ पर छपी किताबों से पड़ते हो। पता करो कि कागज़ से पहले की छपाई किस-किस चीज पर हुआ करती थी?


तुम मशीन की मदद से पढ़ना चाहोगे या अध्यापक की मदद से? दोनों के पढ़ाने में किस-किस तरह की सरलता और कठिनाइयाँ हैं?


बीते दिनों की प्रशंसा में कही जाने वाली यह बात तुमने कभी किसी से सुनी है? अपने बीते हुए दिनों के बारे में सोचो और बताओ कि उनमें से किस समय के बारे में तुम “वे दिन भी क्या दिन थे!” कहना चाहोगे?


 1967 मैं हिंदी में छपी इस कहानी में कल्पना की गई है कि सालों बाद स्कूल की जगह मशीनें ले लेगी | तुम भी कल्पना करो कि बहुत सालों बाद यह कैसी होगी-

  • पेन

  • घड़ी

  • टेलीफोन/मोबाइल 

  • टेलीविज़न

  • कोई और चीज़ जिसके बारे में तुम सोचना चाहो…. 


नीचे कुछ वस्तुओं के नाम दिए गए हैं। बड़ों से पूछकर पता करें कि बीस साल पहले इनकी क्या कीमत थी और अब इनका कितना दाम है?

आलू लड्डू  शक्कर
दाल चावल दूध

जानकारी देने या लेने के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। हम जो कुछ सोचते या महसूस करते हैं उसे अभिव्यक्त करने या बताने के भी कई ढंग हो सकते हैं। बॉक्स में ऐसे कुछ साधन दिए गए हैं। उनका वर्गीकरण करके नीचे दी गई तालिका में लिखो।

संदेश अभिनय रेडियो नृत्य के हाव-भाव
फोन विज्ञापन नोटिस संकेत-भाषा
चित्र मोबाइल टी.वी. मोबाइल संदेश
फैक्स इंटरनेट तार इश्तहार

 

जानकारी भावनाएँ
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ऊपर लिखी चीजें इकतरफ़ा भी हो सकती हैं और दो तरफ़ा भी। जिन चीज़ों के ज़रिए इकतरफा संप्रेषण होता है।
उनके आगे (→) का निशान लगाओ। दो तरफ़ा संवाद की चीज़ों के आगे (↔) का निशान लगाओ।


डायरी में तुम अपने स्कूल के बारे में क्या लिखना चाहोगे?


डायरी लिखना एक निजी काम या शौक है। तुम अपनी डायरी किसी और को पढ़ने को देते हो या नहीं यह तुम्हारी अपनी मर्जी है। कई व्यक्तियों ने अपनी डायरियाँ छपवाई भी हैं, ताकि अन्य लोग उन्हें पढ़ सकें। ऐसी ही कोई डायरी खोजकर पढ़ो और उसका कोई अंश कक्षा में सुनाओ।


दोस्तों के साथ बात करके अंदाज़ लगाओ कि 50 साल बाद इनमें क्या-क्या बदल जाएगा-

फिल्मों में ______


दोस्तों के साथ बात करके अंदाज़ लगाओ कि 50 साल बाद इनमें क्या-क्या बदल जाएगा-

गाँव की हालत में ______


दोस्तों के साथ बात करके अंदाज़ लगाओ कि 50 साल बाद इनमें क्या-क्या बदल जाएगा-

तुम्हारी परिचित किसी नदी में ______


तुम्हें ‘मैं’ शीर्षक से एक अनुच्छेद लिखना है। अपने स्वभाव, अच्छाइयों, कमियों, पसंद-नापसंद के बारे में सोचो और लिखो। या किसी मैच का आँखों देखा हाल ऐसे लिखो मानो वह अभी तुम्हारी आँखों के सामने हो रहा है।


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