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अधोलिखितवाक्यानाम् उचितभावैः सह सम्मेलनं कुरुत - (क) धनुर्धरोऽहमनुगमिष्यामि। (ख) भीमस्य प्रेषणं कथं नु त्वया सङ्कल्पितम्? (ग) अपि हस्तद्वयेन भोक्ष्यसे? (घ) हनिष्यामि तं दुरात्मानम्।

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प्रश्न

अधोलिखितवाक्यानाम् उचितभावैः सह सम्मेलनं कुरुत -

(क) धनुर्धरोऽहमनुगमिष्यामि। १. हास:
(ख) भीमस्य प्रेषणं कथं नु त्वया सङ्कल्पितम्? २. निराशा
(ग)  अपि हस्तद्वयेन भोक्ष्यसे? ३.  ग्लानिः
(घ) हनिष्यामि तं दुरात्मानम्। ४.  अधिकारः
(ङ) स खल्वेकपुत्रस्तपस्वी भृशं परिदेवयते। ५. ओज:
(च)  मानुषापसद, परिवेषय मे भोजनम्। ६. धैर्यम
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उत्तर

(क) धनुर्धरोऽहमनुगमिष्यामि। ४. अधिकारः
(ख) भीमस्य प्रेषणं कथं नु त्वया सङ्कल्पितम्? ६. धैर्यम
(ग)  अपि हस्तद्वयेन भोक्ष्यसे? २. निराशा
(घ) हनिष्यामि तं दुरात्मानम्। ५. ओज:
(ङ) स खल्वेकपुत्रस्तपस्वी भृशं परिदेवयते। १. हास:
(च)  मानुषापसद, परिवेषय मे भोजनम्। ३.  ग्लानिः
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पाठ 9: कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः - अभ्यासाद् जायते सिद्धिः [पृष्ठ १२५]

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एनसीईआरटी Sanskrit Sharda Class 9
पाठ 9 कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः
अभ्यासाद् जायते सिद्धिः | Q ९. | पृष्ठ १२५
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