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प्रश्न
अधि अभिदान शब्द को स्पष्ट करें। लेखा पुस्तकों में इसका लेखा किस प्रकार किया जाता है?
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उत्तर
कुछ स्थितियों में जब कंपनी को जनता में निर्गमित अंशों से अधिक अंशों के लिए आबेदन पत्र प्राप्त हो जाते हैं, जो कि अक्सर कंपनी की मजबूत/सुदृढ़ वित्तीय स्थिति एवं अच्छे प्रबंध के कारण होता है, अधि-अभिदान कहलाता है।
इस प्रकार की स्थिति में संचालकों के पास इसके व्यवहार के लिए तीन विकल्प मौजूद हैं-
- कुछ आवेदनों को पूर्ण रूप से स्वीकार करके तथा शेष को पूर्ण रूप से मना कर दिया जाता है;
- सभी आवेदकों के अंशों का आबंटन आनुपातिक या समानुपात रूप में किया जा सकता है; तथा
- उपरोक्त दोनों विधियों को संयुक्त रूप से लागू कर सकते हैं, जो कि व्यवहार में सबसे सामान्य विधि है।
अधि-अभिदान की समस्याओं का अंततः समाधान अंशों के आबंटन द्वारा किया जाता है। अत: लेखांकन के दृष्टिकोण से अधि-अभिदान की स्थिति को आवेदन और आबंटन के संपूर्ण ढाँचे के अंदर रखा जाता है। अर्थात् आवेदन राशि की प्राप्ति, आबंटन पर देय राशि और अंशधारकों से प्राप्ति तथा यह पग्रविष्टियों के प्रतिरूप से प्रतिबिंबित हैं।
प्रथम विकल्प- जब संचालक कुछ आवेदन को पूर्ण रूप से स्वीकार करते हैं तथा अन्य को पूर्ण रूप से रददू कर देते हैं, तो रदद् आवेदन से प्राप्त राशि को पूर्ण रूप से लौटा दिया जाता है।
उदाहरण के लिए, एक कंपनी ने 20,000 अंशों के लिए आमंत्रण किया तथा 25,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किए। संचालकों ने 5,000 अंशों के लिए किए गए आबेदन को बिलकुल रदद् कर दिया जो कि आवश्यक संख्या से अधिक थे और आवेदन राशि को पूर्ण रूप से वापस कर दिया गया। इस स्थिति में आवेदन और आबंटन पर रोज़नामचा प्रविष्टि की जाएगी-
आबेदन और आबंटन पर वैकल्पिक तौर पर रोज़नामचा प्रविष्टि निम्न प्रकार से की जाएगी-
| 1. | बैंक खाता ...नाम |
| अंश आवेदन खाते से | |
| (25,000 अंशों पर आवेदन राशि की प्राप्ति पर) | |
| 2. |
अंश आवेदन खाता ...नाम |
| अंशपूँजी खाते से बैंक खाते से | |
|
(25,000 अंशों पर आबंटन राशि के हस्तांतरण तथा रदद् किए गए |
|
| 3. | अंश आबंटन खाता ...नाम |
| अंशरपूंजी खाते से | |
| (20,000 अंशों की आबंटन राशि के देय होने पर) | |
| 4. | बैंक खाता ...नाम |
| अंश आबंटन खाते से | |
| (आबंटन राशि के प्राप्त होने पर) |
दूसरा विकल्प- जब संचालक सभी आवेदकों को आनुपातिक आबंटन करते हैं (प्रो-राणा आबंटन कहलाता है) आवेदन से प्राप्त अधिक राशि कौ प्राप्ति सामान्यत: देय आबंटन राशि के साथ समायोजित कर दी जाती है। ऐसी स्थिति में यद्यपि अंशों पर देय आबंटन राशि से अधिक राशि की प्राप्ति को या तो वापस कर दिया जाएगा या अग्रिम माँग में जमा कर दिया जाएगा।
उदाहरण के लिए, 20,000 अंशों के लिए आमंत्रण किए और 25,000 अंशों के लिए आवेदन आने कौ स्थिति में यह निर्णय लिया गया कि आबेदकों को अंशों का आबंटन 4 : 5 के अनुपात में किया जाए।
यह प्रो-राटा आबंटन कौ स्थिति कहलाती है और 5,000 अशों पर प्राप्त अधिक राशि को 20,000 अंशों 'पर देव आबंटन कौ राशि के साथ समायोजित किया जाएगा। इस स्थिति में आवेदन और आबंटन कौ रोज़नामचा प्रविष्टि इस प्रकार होगी-
| 1. | बैंक खाता ...नाम |
| अंश आवेदन खाते से | |
| (25,000 अंशों पर - रुपये प्रति आवेदन राशि की प्राप्ति होने पर) | |
| 2. | अंश आवेदन खाता ...नाम |
| अंशपूँजी खाते से | |
| अंश आबंटन खाते से | |
| (आवेदन राशि को अंशपूँजी खाते में हस्तांतरित करने पर तथा 5,000 अंशों पर अधिक आवेदन राशि को अंश आबंटन में जमा करने पर) |
|
| 3. | अंश आबंटन खाता ...नाम |
| अंशपूँजी खाते से | |
| (25,000 अंशों पर आबंटन राशि के देय होने पर) | |
| 4. | बैंक खाता ...नाम |
| अंश आबंटन खाते से | |
| (पहले से प्राप्त राशि को समायोजित करने तथा आबंटन राशि कौ प्राप्ति पर) |
तीसरा विकल्प- जब कुछ अंशों पर किए गए आवेदन को रदद् किया जाता है और शेष अंशों के लिए आनुपातिक आबंटन किया जाता है, तो रददू किए गए आवेदनों की पूर्ण राशि को प्राप्ति होने पर जिन आवेदकों को आनुपातिक आबंटन किया गया है, को आबंटन राशि देय होने के साथ समायोजित किया जाएगा।
उदाहरण के लिए, एक कंपनी 10,000 अंशों के आबेदन के लिए आमंत्रण देती है और 5,000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किए गए। संचालकों ने 2,500 अंशों के लिए किए गए आवेदनों को रददू कर दिया और शेष 2,500 अंशों के आवेदकों को 10,000 अंशों का आनुपातिक आबंटन किया गया। इस प्रकार प्रत्येक पाँच अंशों के आवेदन के लिए चार अंशों का आबंटन किया गया। इस स्थिति में 2,500 अंशों के लिए आवेदन को रदद् किया गया और प्राप्त राशि को पूर्ण रूप से लौटा दिया गया, और शेष बचे 2,500 अंशों (2,500 - 10,000) को 10,000 अंशों के लिए देय आबंटन राशि के साथ समायोजित किया जाएगा और आबंटन की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ इस प्रकार होंगी।
| 1. | बैंक खाता ...नाम |
| अंश आवेदन खाते से | |
| (5,000 आंशों पर प्राप्त - रुपये प्रति अंश, आवेदन राशि की प्राप्ति पर) | |
| 2. | अंश आवेदन खाता ...नाम |
| अंशपूँजी खाते से | |
| अंश आबंटन खाते से | |
| बैंक खाते से | |
| (आवेदन राशि को अंशपँजी खाते के हस्तांतरित करने और आवेदन से अधिक प्राप्त राशि को अंशों के आबंटन के समय आनुपातिक आबंटन पर अंश आबंटन, खाते में जमा करने पर, तथा रदूद किए गए. आवेदनों की राशि वापस करने पर) |
|
| 3. | अंश आबंटन खाता ...नाम |
| अंशपूँजी खाते से | |
| (10,000 अंशों के लिए _ रुपये प्रति अंश आबंटन देव) | |
| 4. | बैंक खाता ...नाम |
| अंश आबंटन खाते से | |
| (आवेदन द्वारा पहले से प्राप्त राशि को, आबंटन राशि के साथ समायोजित करने पर) |
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