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‘आत्मकथ्य’ कविता में कवि न तो अपने जीवन के दुःख और विफलताओं से दूसरों को परिचित कराना चाहता है और न ही अपनी सुखद स्मृतियों को किसी के साथ साझा करना चाहता है। - Hindi Course - A

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प्रश्न

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

‘आत्मकथ्य’ कविता में कवि न तो अपने जीवन के दुःख और विफलताओं से दूसरों को परिचित कराना चाहता है और न ही अपनी सुखद स्मृतियों को किसी के साथ साझा करना चाहता है। कवि की इस सोच के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

लघु उत्तर
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उत्तर

कवि जयशंकर प्रसाद के अनुसार संसार के बहुत से लोग किसी व्यक्ति के दुःख और असफलताओं को उसी व्यक्ति की नासमझी का परिणाम समझते हैं। उनके मत में सुखद स्मृतियाँ व्यक्ति के अत्यंत निजी क्षण होती हैं, जिन्हें किसी के सामने व्यक्त नहीं करना चाहिए। इसलिए कवि दुख और असफलता के साथ-साथ अपनी सुखद स्मृतियों को भी किसी से साझा नहीं करना चाहता है।

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