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प्रश्न
“आसमान में उड़ती पतंगें....! स्वतंत्रता दिवस का उत्सव भरा वातावरण, बच्चों की खिलखिलाहट, देशभक्ति से सराबोर....” इन वाक्यों से प्रारंम हुई लघु-कथा को 100 शब्दों में पूरा कीजिए।
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उत्तर
आसमान में उड़ती पतंगें देखकर मुझे स्वतंत्रता दिवस की याद आ गई। एक बार हमारे विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह से मनाया जा रहा था। सभी विद्यार्थियों को तिरंगे रंगों की पतंगें उड़ाने के लिए कहा गया और यह भी घोषित किया गया कि जिसकी पतंग सबसे अधिक ऊँचाई तक जाएगी, उसे पुरस्कार मिलेगा। सभी विद्यार्थी बहुत उत्साहित थे। सभी बच्चों के चेहरे पर खिलखिलाहट थी चारों ओर दृश्य देशभक्ति से सराबोर था। सभी बच्चे मन लगाकर पतंग उड़ाने लगे। तभी मैंने देखा कि मेरे एक मित्र की उँगली से खून बहने लगा है। मैंने तुरंत अपनी पतंग छोड़ दी और पहले उसकी उँगली पर दवा लगवाई। इस बीच अन्य विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता जीत ली। यह सारी घटना हमारे एक अध्यापक ध्यानपूर्वक देख रहे थे। जब पुरस्कारों की घोषणा हुई, तो मुझे भी एक पुरस्कार दिया गया। सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए। तब अध्यापक ने पूरी घटना सबको बताई। स्वतंत्रता दिवस का उत्सव सभी को आनंद देता है। यदि मैंने स्वार्थवश अपने मित्र की सहायता न की होती, तो उसकी उँगली को गंभीर चोट लग सकती थी। इसलिए हमें हमेशा अपने साथ-साथ दूसरों की सहायता के लिए भी तत्पर रहना चाहिए।
