मराठी

आशय स्पष्ट करें: तेरा निज़ाम है सिल दे जुबान शायर की,ये एहतियात ज़रूरी है इस बहर के लिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आशय स्पष्ट करें:

तेरा निज़ाम है सिल दे जुबान शायर की,
ये एहतियात ज़रूरी है इस बहर के लिए।

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

कवि दुष्यंत ने वर्तमान शासन-व्यवस्था के चलते बुद्धिजीवी वर्ग की भयभीत विवशता पर प्रकाश डाला है। शासन अपनी कमी सुनने के लिए तैयार नहीं है। अतः वह शायरों और कवियों के मुँह सिल सकता है। कवि स्पष्ट करता है कि मुँह बंद कर लेना वह सावधानी भरा कदम है जो एक शायर द्वारा अपनी गज़ल के लिए उठाया गया है। मूक रहकर रचना को अंजाम देना शायर की विवशता और समय की माँग दोनों ही है।

shaalaa.com
गजल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.07: गजल - अभ्यास [पृष्ठ १६७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh bhag 1 Class 11
पाठ 2.07 गजल
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १६७
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×