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प्रश्न
पाठ में से चुनकर एक पंक्ति नीचे दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और इस पर विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ समझ में आया? अपना विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए।
“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”
सविस्तर उत्तर
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उत्तर
- इन पंक्तियों का अर्थ: ‘कुल’ अर्थात परिवार या वंश, ‘बड़प्पन’ अर्थात महानता-नेकी और 'कसर' अर्थात कमी। कवि कहता है कि जब तक व्यक्ति के भीतर बड़प्पन के गुण– दया, नेकी, विनम्रता और अच्छा आचरण नहीं हैं, तब तक उसके कुल की बड़ाई कोई काम नहीं आती। केवल बड़े या प्रसिद्ध परिवार में जन्म लेने से कोई महान नहीं बन जाता। व्यक्ति की सच्ची महानता उसके अपने कर्मों और आचरण से आती है।
- समूह में साझा करने के लिए विचार: एक ही स्कूल या मोहल्ले में पढ़ने-बढ़ने वाले बच्चों में से कुछ मेहनती, दयालु और विनम्र बनते हैं और कुछ नहीं बन पाते। इसका कारण केवल परिस्थिति नहीं, बल्कि हर बच्चे का अपना स्वभाव और कर्म है। इसीलिए हमें अपने अच्छे गुणों और कर्मों से अपने परिवार की बड़ाई बढ़ानी चाहिए, क्योंकि फूल अपनी सुगंध से ही पहचाना जाता है, उसके पौधे से नहीं।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
