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प्रश्न
आप साची/सचिन हैं। आपने महसूस किया है कि आपके मित्र का स्वभाव, बोलने का तरीका दिन-प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है। संयमित व्यवहार और मीठी वाणी का महत्व बताते हुए लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
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उत्तर
A-16, भारती कॉलोनी,
अँधेरी, महाराष्ट्रा।
दिनांक: 15 मई, 2023
प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्ते!
आशा करता हूँ कि तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। कल तुम्हारा पत्र मिला, जिसमें तुमने अपने नए विद्यालय में एक सहपाठी के साथ हुई अनबन के बारे में लिखा। यह पढ़कर मुझे बहुत दुख हुआ।
मित्र, तुम अपने शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाते थे, लेकिन ऐसा लगता है कि नए माहौल से तालमेल न बिठा पाने के कारण तुम्हारा स्वभाव उग्र होता जा रहा है। मैं समझता हूँ कि तुम अपने पुराने विद्यालय और साथियों को भुला नहीं पा रहे हो, लेकिन याद रखो, संयमित व्यवहार और मधुर वाणी से हम अपने विरोधी को भी मित्र बना सकते हैं। मित्र, संयमित व्यवहार और मीठी वाणी से व्यक्ति न केवल दूसरों का सम्मान पाता है, बल्कि अपने रिश्ते भी मजबूत बनाता है। कठोर बोलने से कभी-कभी सामने वाले का दिल टूट सकता है, भले ही हमारा उद्देश्य ऐसा न हो। मीठी वाणी वह कुंजी है जो दूसरों के दिलों को छू लेती है और कठिन परिस्थितियों में भी शांति बनाए रखने में मदद करती है।
मुझे विश्वास है कि तुम अपने स्वभाव में यह परिवर्तन कर पाओगे और फिर से अपने पुराने व्यवहार में लौटोगे। हमेशा याद रखो, एक अच्छा इंसान वही होता है जो दूसरों को अपने शब्दों से सुकून दे सके।
तुम्हारा शुभचिंतक
सचिन
