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तालिकापूर्तिं कुरुत।
नामतालिका।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | मालाभ्याम् | ______ | तृतीया |
| भगवते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| ______ | ______ | जन्मसु | सप्तमी |
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माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
| रदनिका | एहि वत्स ! शकटिकया क्रीडाव:। |
| दारक: | (सकरुणम्) रदनिके! किं मम एतया मृत्तिकाशकटिकया; तामेव सौवर्णशकटिकां देहि। |
| रदनिका | (सनिर्वेदं नि:श्वस्य) जात! कुतोऽस्माकं सुवर्णव्यवहार:? तातस्य पुनरपि ऋद्ध्या सुवर्णशकटिकया क्रीडिष्यसि। (स्वगतम्) तद्यावद्विनोदयाम्येनम्। आर्यावसन्तसेनाया: समीपमुपसर्पिष्यामि। (उपसृत्य) आर्य ! प्रणमामि। |
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माध्यमभाषया सरलार्थं लिखत।
| नद्यौ | रे विश्चामित्र, नैव विरमाव: त्वत्कृते। नैव कुर्व: देवेन्द्रस्य कार्ये अधिक्षेपम्। |
| विश्चामित्र | नैव मातः, मास्तु देवेन्द्रस्य अवज्ञा। केवलम् इच्छाम: परतीरं गन्तुम्। हे मातः, प्रसीद। वयं सर्वे तव पुत्रा: एव। न वयं कदापि तव उपकारान् विस्मराम:। |
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पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टा: कृती: कुरुत।
|
वृथाभ्रमणकुक्रीडापरपीडापभाषणै:। उत्तमो नातिवक्ता स्यादधमो बहु भाषते। यदा किञ्चिज्ज्ञोऽहं द्विप इव मदान्ध: समभवं यदा किञ्चित्किञ्चिद् बुधजनसकाशादवगतं |
(1) पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टे कृती कुरुत। (3 तः 2) 2
(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत। 1
कः बहु भाषते?
(ख) पदयांशात् विशेषणं चित्वा लिखत। 1
(1) ______ द्विपः।
2) ______ मनः।
(ग) सन्धिविग्रहं कुरुत । 1
(1) किञ्चिज्ज्ञोऽहम् = ______ + ______
(2) जालरेखाचित्रं पूरयत। 2

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तालिकापूर्तिं कुरुत ।
सर्वनामतालिका।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | इमौ | ______ | प्रथमा |
| कस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | तासु | सप्तमी |
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पद्ये शुद्धे पूर्णे च लिखत।
विद्या नाम ______ दैवतम्।।
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तालिकापूर्तिं कुरुत।
क्रियापदतालिका।
| लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुष: |
| लृट् | ______ | ______ | द्रक्ष्यन्ति | प्रथम: पुरुष: |
| लङ् | आसी: | ______ | ______ | मध्यम: पुरुष: |
| लट् | ______ | लिखावः | ______ | उत्तम: पुरुष: |
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पद्ये शुद्धे पूर्णे च लिखत।
भिक्षुः क्वास्ति ______ पातु वः।।
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तालिकापूर्तिं कुरुत।
धातुसाधित-विशेषण-तालिका।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| कथ (10 उ.प.) | ______ | कथितवान् | कथ्यः | ______ |
| लभ् (1 आ.प.) | लब्धः | ______ | ______ | लभमानः |
| प्र + विश् (6 प.प.) | प्रविष्ट: | ______ | प्रवेश्यः | ______ |
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अन्वयं पूरयत।
अल्पानाम् ______ अपि ______ कार्यसाधिका। यथा ______ आपन्नैः ______ मत्तदन्तिन: बध्यन्ते।
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समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| प्रत्यहम् | अहनि अहनि। | ______। |
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समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| ______ | जलं ददाति इति। | उपपद-तत्पुरुष:। |
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समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| असत्यम् | न सत्यम्। | ______। |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | ______ | इतरेतर द्वन्द्व:। |
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समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रह: | समासनाम |
| पन्नगभूषण: | ______। | बहुव्रीहि:। |
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धातूनाम् अव्ययानां च विशिष्टविभक्ते: उपयोगं कृत्वा वाक्यनिर्माणं कुरुत।
रक्ष् (१ प.प.)
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धातूनाम् अव्ययानां च विशिष्टविभक्ते: उपयोगं कृत्वा वाक्य कुरुत।
स्पृह् (10 उ.प.) - ______
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विरुद्धार्थक शब्दान् लिखत।
अनित्यः × ______
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धातूनाम् अव्ययानां च विशिष्टविभक्ते: उपयोगं कृत्वा वाक्य कुरुत।
गम् - (गच्छ्) (१ प.प.)
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धातूनाम् अव्ययानां च विशिष्टविभक्ते: उपयोगं कृत्वा वाक्य कुरुत।
उपरि - ______
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