‘जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा’- पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined
कविता में व्यक्त प्रकृति-चित्रों को अपने शब्दों में लिखिए।
[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Concept: undefined >> undefined
सरोज के नव-वधू रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
कवि को अपनी स्वर्गीया पत्नी की याद क्यों आई?
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
'आकाश बदल कर बना मही' में 'आकाश' और 'मही' शब्द किसकी ओर संकेत करते हैं?
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
'वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली' पंक्ति के द्वारा किस प्रसंग को उद्घाटित किया गया है?
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -
नत नयनों से लोक उतर
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -
श्रृंगार रहा जो निराकार
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -
पर पाठ अन्य यह, अन्य कला
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए-
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
'सरोज स्मृति' पूरी पढ़कर आम आदमी के जीवन-संघर्षों पर चर्चा कीजिए।
[1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Chapter: [1.02] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : (क) गीत गाने दो मुझे, (ख) सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined
'सागर' और 'बूँद' से कवि का क्या आशय है?
[1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined
'रंग गई क्षणभर, ढलते सूरज की आग से' - पंक्ति के आधार पर बूँद के क्षणभर रंगने की सार्थकता बताइए।
[1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined
'सूने विराट के सम्मुख ............ दाग से!'- पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
[1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined
'क्षण के महत्त्व' को उजागर करते हुए कविता का मूल भाव लिखिए।
[1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [1.03] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : (क) यह दीप अकेला, (ख) मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined
बच्चे का उधर-उधर कहना क्या प्रकट करता है?
[1.04] केदारनाथ सिंह : (क) बनारस, (ख) दिशा
Chapter: [1.04] केदारनाथ सिंह : (क) बनारस, (ख) दिशा
Concept: undefined >> undefined
'मैं स्वीकार करूँ, मैंने पहली बार जाना हिमालय किधर है' - प्रस्तुत पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।
[1.04] केदारनाथ सिंह : (क) बनारस, (ख) दिशा
Chapter: [1.04] केदारनाथ सिंह : (क) बनारस, (ख) दिशा
Concept: undefined >> undefined
सत्य क्या पुकारने से मिल सकता है? युधिष्ठिर विदुर को क्यों पुकार रहे हैं- महाभारत के प्रसंग से सत्य के अर्थ खोलें।
[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined
सत्य का दिखना और ओझल होना से कवि का क्या तात्पर्य है?
[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Concept: undefined >> undefined