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Commerce (English Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

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Hindi (Core)
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फ़ीचर कैसे लिखा जाता है ?

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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समाचार और फ़ीचर में मुख्य अंतर क्या होता है ?

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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समाचार लेखन के छ: ककार कौन-से हैं ?

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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शमशेर की कविता ‘उषा’ गाँव के जीवन का जीवांत चित्रण है। पुष्टि कीजिए।

[5] शमशेर बहादुर सिंह : उषा
Chapter: [5] शमशेर बहादुर सिंह : उषा
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‘कवितावली’ के आधार पर सिद्ध कीजिए कि तुलसीदास को अपने समय की आर्थिक-सामाजिक समस्याओं की समझ थी।

[7] तुलसीदास : कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
Chapter: [7] तुलसीदास : कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
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जाति प्रथा को श्रम विभाजन का ही एक अंग न मानने के पीछे डॉ. आंबेडकर के क्या तर्क थे?

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
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नमक कहानी में नमक की पुड़िया इतनी महत्त्वपूर्ण क्यों हो गई थी? कस्टम अधिकारी उसे लौटाते हुए भावुक क्यों हो उठा था?

[14] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [14] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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‘ढोल में तो जैसे पहलवान की जान बसी थी।’ ‘पहलवान की ढोलक पाठ के आधार पर तर्क सहित पंक्ति को सिद्ध कीजिए।

[13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
Chapter: [13] फणीश्वर नाथ रेणु : पहलवान की ढोलक
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एन फ्रैंक की डायरी किट्टी को संबोधित कर ही क्यों लिखी गई है ? यह डायरी वह किसी अपने को भी संबोधित कर सकती थी ?तर्क सहित उत्तर दीजिए।

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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मोहनजोदड़ो की सभ्यता को लो-प्रोफाइल सभ्यता क्यों माना गया है?

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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“काश, कोई तो होता जो मेरी भावनाओं को गम्भीरता से समझ पाता। अफसोस, ऐसा व्यक्ति मुझे अब तक नहीं मिला।” एन फ्रैंक की इस पंक्ति का आशय स्पष्ट करें।

[2.4] डायरी के पन्ने
Chapter: [2.4] डायरी के पन्ने
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पत्रकारीय लेखन का सबसे जाना पहचाना रूप समाचार लेखन है। समाचार को कैसे लिखा जाता है?

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।

[3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
Chapter: [3] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
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सिंधु सभ्यता के केंद्र में समाज था, राजा या धर्म नहीं ! सिद्ध कीजिए।

[3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
Chapter: [3] ओम थानवी : अतीत में दबे पाँव
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स्तंभ लेखन क्या है? स्पष्ट कीजिए।

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए।

       उपवास और संयम ये आत्महत्या के साधन नहीं हैं। भोजन का असली स्वाद उसी को मिलता है जो कुछ दिन बिना खाए भी रह सकता है। ‘त्यक्तेन भुंजीथा:’, जीवन का भोग त्याग के साथ करो, यह केवल परमार्थ का ही उपदेश नहीं है, क्योंकि संयम से भोग करने पर जीवन में जो आनंद प्राप्त होता है, वह निरा भोगी बनकर भोगने से नहीं मिल पाता ज़िंदगी की दो सूरतें हैं। एक तो यह कि आदमी बड़े-से-बड़े मकसद के लिए कोशिश करे, जगमगाती हुई जीत पर पंजा डालने के लिए हाथ बढ़ाए, और अगर असफलताएँ कदम-कदम पर जोश की रोशनी के साथ अंधियाली का जाल बुन रही हों, तब भी वह पीछे को पाँव न हटाए। दूसरी सूरत यह है कि उन गरीब आत्माओं का हमजोली बन जाए जो न तो बहुत अधिक सुख पाती हैं और न जिन्हें बहुत अधिक दुख पाने का ही संयोग है, क्योंकि वे आत्माएँ ऐसी गोधूलि में बसती हैं जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। इस गोधूलि वाली दुनिया के लोग बंधे हुए घाट का पानी पीते हैं, वे ज़िंदगी के साथ जुआ नहीं खेल सकते। और कौन कहता है कि पूरी ज़िंदगी को दाँव पर लगा देने में कोई आनंद नहीं है?

       जनमत की उपेक्षा करके जीने वाला आदमी दुनिया की असली ताकत होता है और मनुष्यता को प्रकाश भी उसी आदमी से मिलता है। ज़िंदगी से, अंत में, हम उतना ही पाते हैं जितनी कि उसमे पूँजी लगाते हैं। यह पूँजी लगाना ज़िंदगी के संकटों का सामना करना है, उसके उस पन्ने को उलट कर पढ़ना है जिसके सभी अक्षर फूलों से ही नहीं, कुछ अंगारों से भी लिखे गए हैं। ज़िंदगी का भेद कुछ उसे ही मालूम है जो यह जानकार चलता है की ज़िंदगी कभी भी ख़त्म न होने वाली चीज़ है।

       अरे! ओ जीवन के साधकों! अगर किनारे की मरी सीपियों से ही तुम्हें संतोष हो जाए तो समुद्र के अंतराल में छिपे हुए मौक्तिक - कोष को कौन बाहर लाएगा? दुनिया में जितने भी मज़े बिखेरे गए हैं उनमें तुम्हारा भी हिस्सा है। वह चीज़ भी तुम्हारी हो सकती है जिसे तुम अपनी पहुँच के परे मान कर लौटे जा रहे हो। कामना का अंचल छोटा मत करो, ज़िंदगी के फल को दोनों हाथों से दबाकर निचोड़ो, रस की निर्झरी तुम्हारे बहाए भी बह सकती है।

(i) ‘त्यक्तेन भुंजीथा:’ कथन से लेखक के व्यक्तित्व की किस विशेषता का बोध होता है? (1)

(क) परिवर्जन
(ख) परिवर्तन
(ग) परावर्तन
(घ) प्रत्यावर्तन

(ii) मंज़िल पर पहुँचने का सच्चा आनंद उसे मिलता है, जिसने उसे - (1)

(क) आन की आन में प्राप्त कर लिया हो
(ख) पाने के लिए भरसक प्रयास किया हो
(ग) हाथ बढ़ा कर मिट्ठी में कर लिया हो
(घ) सच्चाई से अपने सपनों में बसा लिया हो

(iii) ‘गोधूलि’ शब्द का तात्पर्य है - (1)

(क) गोधेनु
(ख) संध्यावेला
(ग) गगन धूलि
(घ) गोद ली कन्या

(iv) ‘गोधूलि’ वाली दुनिया के लोगों से अभिप्राय है - (1)

(क) विवशता और अभाव में जीने वाले
(ख) जीवन को दाँव पर लगाने वाले
(ग) गायों के खुरों से धूलि उड़ाने वाले
(घ) क्षितिज में लालिमा फैलाने वाले

(v) जीवन में असफलताएँ मिलने पर भी साहसी मनुष्य क्या करता है? (1)

(क) बिना डरे आगे बढ़ता है क्योंकि डर के आगे जीत है
(ख) पराजय से निपटने के लिए फूँक-फूँककर कदम आगे रखता है
(ग) अपने मित्र बंधुओं से सलाह और मदद के विषय में विचार करता है
(घ) असफलता का कारण ढूँढकर पुनः आगे बढ़ने का प्रयास करता है

(vi) आप कैसे पहचानेंगे कि कोई व्यक्ति साहस की ज़िंदगी जी रहा है? (1)

(क) जनमत की परवाह करने वाला
(ख) निडर और निशंक जीने वाला
(ग) शत्रु के छक्के छुड़ाने वाला
(घ) भागीरथी प्रयत्न करने वाला

(vii) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)

(I) प्रत्येक परिस्थिति का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।

(II) मनुष्य अपने दृढ़ मंतव्य व कठिन परिश्रम से सर्वोच्च प्राप्ति की ओर अग्रसर रहता है।

(III) विपत्ति सदैव समर्थ के समक्ष ही आती है, जिससे वह पार उतर सके।

उपरिलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

(क) केवल I
(ख) केवल III
(ग) I और II
(घ) II और III

(viii) ‘ज़िंदगी को दाँव पर लगा देने’ में कोई आनंद नहीं है? लेखक इससे सिद्ध करना चाहते हैं कि ज़िंदगी - (1)

(क) रंगमंच के कलाकारों के समान व्यतीत करनी चाहिए।
(ख) में सकारात्मक परिस्थितियाँ ही आनंद प्रदान करती हैं।
(ग) में प्रतिकूलता का अनुभव जीवनोपयोगी होता है।
(घ) केवल दुखद स्थितियों का सामना करवाती है।

(ix) किन व्यक्तियों को सुख का स्वाद अधिक मिलता है? (1)

(क) जो अत्यधिक सुख प्राप्त करते हैं
(ख) जो सुख-दुख से दूर होते हैं
(ग) जो पहले दुख झेलते हैं
(घ) जो सुख को अन्य लोगों से साझा करते हैं

(x) निम्नलिखित कथन कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए। (1) 

कथन (A): ‘ज़िंदगी के फल को दोनों हाथों से दबाकर निचोड़ो, रस की निर्झरी तुम्हारे बहाए भी बह सकती है’।

कारण (R): ज़िंदगी रूपी फल का रसास्वादन करने के लिए दोनों हाथों से श्रम करना होगा।

(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(घ) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।

[4] अपठित बोध
Chapter: [4] अपठित बोध
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मुद्रित माध्यमों के लेखन में सहज प्रवाह के लिए ज़रूरी है -

[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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संबंधित घटना के दृश्य बाइट व ग्राफिक द्वारा खबर को संपूर्णता से पेश करना कहलाता है -

[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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छह ककार के लिए उचित क्रम का चयन कीजिए -

[2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
Chapter: [2] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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कॉलम ‘क’ का कॉलम ‘ख’ से उचित मिलान कीजिए।

कॉलम ‘क’ कॉलम ‘ख’
(1) बीट रिपोर्टर (i) निवेशक
(2) फीचर (ii) संवाददाता
(3) कारोबार (iii) घुटने टेकना
(4) खेल (iv) कथात्मक
[1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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