हिंदी

Commerce (English Medium) कक्षा ११ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi (Core)
< prev  161 to 180 of 265  next > 

अन्य संत कवियों नानक, दादू और रैदास आदि के ईश्वर संबंधी विचारों का संग्रह करें और उन पर एक परिचर्चा करें।

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Concept: undefined >> undefined

कबीर के पदों को शास्त्रीय संगीत और लोक संगीत दोनों में लयबद्ध भी किया गया है। जैसे- कुमारगंधर्व, भारती बंधु और प्रहलाद सिंह टिपाणिया आदि द्वारा गाए गए पद। इनके कैसेट्स अपने पुस्तकालय के लिए मँगवाएँ और पाठ्यपुस्तक के पदों को भी लयबद्ध करने का प्रयास करें।

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं? वह रूप कैसा है?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –

"अंसुवन जल सींचि-सचि, प्रेम-बेलि बोयी
अब त बेलि फैलि गई, आणंद-फल होयी"

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –

"दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से विलोयी
दधि मथि घृत काढ़ि लियो, डारि दयी छोयी"

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

लोग मीरा को बावरी क्यों कहते हैं?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

"विस का प्याला राणा भेज्या, पीवत मीरां हाँसी" - इसमें क्या व्यंग्य छिपा है?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

मीरा जगत को देखकर रोती क्यों हैं?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

कल्पना करें, प्रेम प्राप्ति के लिए मीरा को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा।

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

लोक-लाज खोने का अभिप्राय क्या है?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

मीरा ने ‘सहज मिले अविनासी’ क्यों कहा है?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

"लोग कहै, मीरां भइ बावरी, न्यात कहै कुल-नासी" - मीरा के बारे में लोग (समाज) और न्यात (कुटुंब) की ऐसी धारणाएँ क्यों हैं?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Concept: undefined >> undefined

पथिक का मन कहाँ विचरना चाहता है?

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

सूर्योदय वर्णन के लिए किस तरह के बिंबों का प्रयोग हुआ है?

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट करें-

सस्मित-वदन जगत का स्वामी मृदु गति से आता है।
तट पर खड़ा गगन-गगा के मधुर गीत गाता है।

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट करें-

कैसी मधुर मनोहर उज्ज्वल हैं यह प्रेम कहानी।
जी में हैं अक्षर बन इसके बनूँ विश्व की बानी।

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

कविता में कई स्थानों पर प्रकृति को मनुष्य के रूप में देखा गया है। ऐसे उदाहरणों का भाव स्पष्ट करते हुए लिखें।

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

समुद्र को देखकर आपके मन में क्या भाव उठते हैं? लगभग 200 शब्दों में लिखें।

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

प्रेम सत्य है, सुंदर है-प्रेम के विभिन्न रूपों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर परिचर्चा करें।

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined

वर्तमान समय में हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं इस पर चर्चा करें और लिखें कि प्रकृति से जुड़े रहने के लिए क्या कर सकते हैं?

[13] पथिक
Chapter: [13] पथिक
Concept: undefined >> undefined
< prev  161 to 180 of 265  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Accountancy
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Business Studies
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Computer Science (C++)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Economics
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Geography
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ History
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Commerce (English Medium) कक्षा ११ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×