Advertisements
Advertisements
संसद संविधान के किसी भी खंड में संशोधन कर सकती है।
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित में से कौन भारतीय संविधान की संशोधन प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं?
इस प्रक्रिया में ये कैसे शामिल होते हैं?
- मतदाता
- भारत का राष्ट्रपति
- राज्य की विधानसभाएँ
- संसद
- राज्यपाल
- न्यायपालिका।
Concept: undefined >> undefined
Advertisements
इस अध्याय में आपने पढ़ा कि संविधान का 42वाँ संशोधन अब तक का सबसे विवादास्पद संशोधन रहा है। इस विवाद के क्या कारण थे?
- यह संशोधन राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान किया गया था। आपातकाल की घोषणा अपने आप में ही एक विवाद का मुद्दा था।
- यह संशोधन विशेष बहुमत पर आधारित नहीं था।
- इसे राज्य विधानपालिकाओं का समर्थन प्राप्त नहीं था।
- संशोध्न के कुछ उपबन्ध विवादास्पद थे।
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित वाक्यों में कौन-सा वाक्य विभिन्न संशोधनों के सम्बन्ध में विधायिका और न्यायपालिका के टकराव की सही व्याख्या नहीं करता?
Concept: undefined >> undefined
सन् 2000-2003 के बीच संविधान में अनेक संशोधन किए गए। इस जानकारी के आधार पर आप निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष निकालेंगे-
Concept: undefined >> undefined
भारतीय संविधान में अनेक संशोधन न्यायपालिका और संसद की अलग-अलग व्याख्याओं का परिणाम रहे हैं। उदाहरण सहित व्याख्या करें।
Concept: undefined >> undefined
ऐसा क्यों कहा जाता है कि भारतीय संविधान को बनाने की प्रक्रिया प्रतिनिधिमूलक नहीं थी? क्या इस कारण हमारा संविधान प्रतिनिध्यात्मक नहीं रह जाता? अपने उत्तर के कारण बताएँ।
Concept: undefined >> undefined
संविधान के क्रिया-कलाप से जुड़े अनुभवों को लेकर एक चर्चा में निचे दिए गए वक्ता का पक्ष -
नेहा – संविधान में स्वतंत्रता, समता और भाईचारा सुनिश्चित करने का विधिवत् वादा है। चूँकि ऐसा नहीं हुआ इसलिए संविधान असफल है।
Concept: undefined >> undefined
पृथक् निर्वाचन-मण्डल और आरक्षित चुनाव-क्षेत्र के बीच क्या अंतर है? संविधान निर्माताओं ने पृथक निर्वाचन-मण्डल को क्यों स्वीकार नहीं किया?
Concept: undefined >> undefined
निम्नलिखित में कौन मौलिक अधिकारों का सबसे सटीक वर्णन है?
Concept: undefined >> undefined
राजनीतिक सिद्धान्त के बारे में नीचे लिखे कथन सही हैं या गलत?
राजनीतिक सिद्धान्त विभिन्न धर्मों के अन्तर्सम्बन्धों की व्याख्या करते हैं।
Concept: undefined >> undefined
राजनीतिक सिद्धान्त के बारे में नीचे लिखे कथन सही हैं या गलत?
ये समानता और स्वतन्तत्रा जैसी अवधारणाओं के अर्थ की व्याख्या करते हैं।
Concept: undefined >> undefined
क्या एक अच्छा/प्रभावपूर्ण तर्क औरों को आपकी बात सुनने के लिए बाध्य कर सकता है?
Concept: undefined >> undefined
सामाजिक प्रतिबन्धों से क्या आशय है? क्या किसी भी प्रकार के प्रतिबन्ध स्वतन्त्रता के लिए आवश्यक हैं?
Concept: undefined >> undefined
नीचे दी गई अवधारणा और उसके उचित उदाहरणों में मेल बैठाएँ।
| (क) | सकारात्मक कार्यवाही | (1) | प्रत्येक वयस्क नागरिक को मत देने का अधिकार है। |
| (ख) | अवसर की समानता | (2) | बैंक वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज की ऊँची दर देते हैं। |
| (ग) | समान अधिकार | (3) | प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए। |
Concept: undefined >> undefined
किसानों की समस्या से सम्बन्धित एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार छोटे और सीमान्त किसानों को बाजार से अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता। रिपोर्ट में सलाह दी गई कि सरकार को बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। लेकिन यह प्रयास केवल लघु और सीमान्त किसानों तक ही सीमित रहना चाहिए। क्या यह सलाह समानता के सिद्धान्त से सम्भव है?
Concept: undefined >> undefined
निष्पक्ष और न्यायपूर्ण वितरण को युक्तिसंगत आधार पर सही ठहराया जा सकता है। रॉल्स ने इस तर्क को आगे बढ़ाने में 'अज्ञानता के आवरण' के विचार का उपयोग किस प्रकार किया।
Concept: undefined >> undefined
अधिकार राज्य की सत्ता पर, कुछ सीमाएँ लगाते हैं। उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
Concept: undefined >> undefined
सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए तो जा सकते हैं लेकिन हो सकता है कि वे इन अधिकारों का प्रयोग समानता से न कर सकें। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
Concept: undefined >> undefined
राष्ट्रीय आत्म-निर्णय के अधिकार से आप क्या समझते हैं? किस प्रकार यह विचार राष्ट्र राज्यों के निर्माण और उनको मिल रही चुनौती में परिणत होता है?
Concept: undefined >> undefined
