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प्रश्न
सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए तो जा सकते हैं लेकिन हो सकता है कि वे इन अधिकारों का प्रयोग समानता से न कर सकें। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
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उत्तर
सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर देने पर विचार करना और सुनिश्चित करना किसी सरकार के लिए सरल नहीं होता। विभिन्न समूह के लोगों की आवश्यकताएँ और समस्याएँ अलग-अलग हो सकती हैं और एक समूह के अधिकार दूसरे समूह के अधिकारों के प्रतिकूल हो सकते हैं। नागरिकों के लिए समान अधिकार का आशय यह नहीं होता कि सभी लोगों पर समान नीतियाँ लागू की दी जाएँ, क्योंकि विभिन्न समूह के लोगों की आवश्यकताएँ भिन्न-भिन्न हो सकती हैं। अगर उद्देश्य केवल ऐसी नीति बनाना नहीं है जो सभी लोगों पर एक तरह से लागू हों बल्कि लोगों को अधिक बराबरी पर लाना है तो नीतियों का निर्माण करते समय विभिन्न आवश्यकताओं और दावों का ध्यान रखना होगा।
- सामाजिक-आर्थिक असमानता जो अवसर की समानता को रोकती है
- कानूनी उपायों तक पहुंच का अभाव
- अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी
- सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार जो इन अधिकारों के अंतर्गत आने वाली सेवाओं के वितरण को रोकता है।
इन कारकों के परिणाम निम्नलिखित उदाहरणों में देखे जा सकते हैं:
- हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है लेकिन कुछ बच्चों को लैंगिक भेदभाव और गरीबी के कारण स्कूल नहीं भेजा जाता है और इसलिए वे बाल श्रम में लगे हुए हैं।
- कई महिलाओं को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि उनके पति द्वारा शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना घरेलू हिंसा के अंतर्गत आती है। इसलिए, वे कानूनी उपायों की तलाश करने में सक्षम नहीं हैं।
