हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

वनस्पतियों मे लैंगिक प्रजनन प्रक्रिया आकृतिसह स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

वनस्पतियों मे लैंगिक प्रजनन प्रक्रिया आकृतिसह स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

  1. वनस्पतियों में लैंगिक प्रजनन फुलों की सहायता से होता है।
  2. पुमंग आणि जायांग फुल में स्थित क्रमश: नर तथा स्त्री दल हैं।
  3. स्त्रीकेसर के प्रत्येक बीजांड में अर्धगुणसूत्री विभाजन से भ्रूणपोष निर्मित होता है।
  4. प्रत्येक भ्रूणपोष में एक अगुणित अंड कोशिका और दो अगुणित ध्रुवीय केंद्रक होते हैं।
  5. परागण या परागीभवन प्रक्रिया के समय परागकोश के परागकण स्त्रीकेशर के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरित होकर अंकुरित होते हैं।
  6. इससे परागण से दो पुंयुग्मक तथा एक दीर्घ परागनलिका निर्मित होती हैं।
  7. परागनलिका दो पुंयुग्मक का वहन करती है। यह परागनलिका वर्तिका से होती हुई बीजांड के भ्रूणपोष तक पहुँचती है। वहाँ पर परागनलिका का अंतिम सिरा फट जाता है और दोनों पुंयुग्मक भ्रूणकोष में छोड़ दिए जाते हैं।
  8. इसमें से एक पुंयुग्मक अंडकोशिका से संयोग करता है। इससे एक युग्मनज बनता है। इस प्रक्रिया को निषेचन (फलन) कहते हैं।
  9. दुसरा पुंयुग्मक दो ध्रुवीय केंद्रकों से संयोग करके भ्रूणपोष बनाता है। इस प्रक्रिया में दो पुंयुग्मक भाग लेते हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को द्वि फलन (द्विनिषेचन) कहते हैं।
  10. निषेचन (फलन) होने के पश्चात बीजांड का रूपांतरण बीज में तथा अंडाशय का रूपांतरण फल के रुप में हो जाता है। इस बीज का अंकुरण होने पर नया पौधा तैयार होता है। इस प्रकार से वनस्पतियों में लैंगिक प्रजनन होता है।
shaalaa.com
वनस्पतियों में लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction in Plants)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: सजीवों में जीवनप्रक्रिया भाग -2 - स्वाध्याय [पृष्ठ ३५]

APPEARS IN

बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 3 सजीवों में जीवनप्रक्रिया भाग -2
स्वाध्याय | Q 11 | पृष्ठ ३५
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×