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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

वितरण के मानचित्रों के उपयोग और प्रकार स्पष्ट कीजिए । - Geography [भूगोल]

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प्रश्न

वितरण के मानचित्रों के उपयोग और प्रकार स्पष्ट कीजिए ।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

वितरण के मानचित्रों का उपयोग: वितरणात्मक मानचित्र किसी विशेष भौगोलिक चर के वितरण पैटर्न को समझाने में मदद करते हैं।

वितरण के मानचित्रों के प्रकार निम्नलिखित हैं।

  1. बिंदु पद्धति : सांख्यिकीय जानकारी के आधार पर बिंदु पद्धति से मानचित्र तैयार किया जाता है। बिंदु पद्धति के मानचित्रतैयार करते समय केवल गणना के आधार पर प्राप्त जानकारी का उपयोग किया जाता है। किसी विशिष्ट प्रदेश में जिस प्रकार के घटक का वितरण हुआ है उसी प्रकार से मानचित्र में बिंदु दर्शाकर वितरण दर्शाया जाता है। जैसे - प्रदेश की जनसंख्या, पशुओं की संख्या का वितरण आदि।
  2. क्षेत्रचन पद्धति : इस मानचित्र में भौगोलिक घटकों की सांख्यिकीय जानकारी विभिन्न छाया अथवा रंग छटाओं द्वारा दर्शाई जाती है। ये मानचित्र तैयार करते समय घटकों का मापन, सर्वेक्षण आदि प्रक्रियाओं के द्वारा प्राप्त सांख्यिकीय जानकारी का उपयोग किया जाता है।
  3. समघन पद्धति : इन मानचित्रों में सममूल्य रेखाओं के आधार पर मानचित्र वितरण दर्शाए गए थे। जब किसी घटक का वितरण बार-बार होता है तब उसे दर्शनि के लिए समघन पद्धति का उपयोग किया जाता है। जैसे - ऊँचाई, तापमान, वर्षा आदि।
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वितरण के मानचित्र - क्षेत्रघन पद्धति
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अध्याय 1: वितरण के मानचित्र - स्वाध्याय [पृष्ठ ७]

APPEARS IN

बालभारती Bhugol [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1 वितरण के मानचित्र
स्वाध्याय | Q २. (अ) | पृष्ठ ७
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