हिंदी

विश्व के वर्षण वितरण के प्रमुख लक्षणों की व्याख्या कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

विश्व के वर्षण वितरण के प्रमुख लक्षणों की व्याख्या कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

एक साल में वर्षा की कुल मात्रा के आधार पर विश्व में निम्नलिखित भिन्नता देखने को मिलती है। सामान्य तौर पर जब हम विषुवत रेखा से ध्रुव की ओर जाते हैं, वर्षा की मात्रा धीरे-धीरे घटती जाती है। विश्व के तटीय क्षेत्रों में महाद्वीपों के भीतरी भागों की अपेक्षा अधिक वर्षा होती है। विश्व के स्थलीय भागों की अपेक्षा महासागरों के ऊपर वर्षा अधिक होती है। वार्षिक वर्षण की कुल मात्रा के आधार पर विश्व की मुख्य वर्षण प्रकृति को निम्नलिखित रूपों में पहचाना जाता हैविषुवतीय पट्टी, शीतोष्ण प्रदेशों में पश्चिमी तटीय किनारों के पास के पर्वतों के वायु की ढाल पर तथा मानसून वाले क्षेत्रों के तटीय भागों में वर्षा बहुत अधिक होती है, जो प्रतिवर्ष 200 सेंटीमीटर से ऊपर होती है। महाद्वीपों के आंतरिक भागों में प्रतिवर्ष 100 से 200 सेंटीमीटर वर्षा होती है। महाद्वीपों के तटीय क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा मध्यम होती है। उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र के केंद्रीय भाग तथा शीतोष्ण क्षेत्रों के पूर्वी एवं भीतरी भागों में वर्षा की मात्रा 50 से 100 सेंटीमीटर प्रतिवर्ष तक होती है। महादीप के भीतरी भाग के वष्टिछाया क्षेत्रों में पड़ने वाले भाग तथा ऊँचे अक्षांशों वाले क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 50 सेंटीमीटर से भी कम वर्षा होती है।

shaalaa.com
वाष्पीकरण तथा संघनन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 10: वायुमंडल में जल - अभ्यास [पृष्ठ १०३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant [Hindi] Class 11
अध्याय 10 वायुमंडल में जल
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ १०३
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×