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प्रश्न
‘उत्साह’ कविता के शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
‘उत्साह’ कविता एक आव्हान गीत है। बादल निराला जी का प्रिय विषय है। यह कविता समाज में क्रांति और उत्साह की भावना का संचार करने के उद्देश्य से लिखी गई है। कवी बादल से घनघोर गर्जन से आकाश को भर देने का आग्रह कर रहे हैं। बादल के गर्जन में क्रांति की चेतना निहित है जिससे नवनिर्माण हो सके। प्रकृति में नवजीवन का समावेश, क्रांति-चेतना का शंखनाद आदि इस कविता के शीर्षक की सार्थकता को सिद्ध करते हैं।
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कवि बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के स्थान पर 'गरजने' के लिए कहता है, क्यों?
कविता का शीर्षक उत्साह क्यों रखा गया है?
कविता में बादल किन-किन अर्थों की ओर संकेत करता है?
शब्दों का ऐसा प्रयोग जिससे कविता के किसी खास भाव या दृश्य में ध्वन्यात्मक प्रभाव पैदा हो, नाद-सौंदर्य कहलाता है।उत्साह कविता में ऐसे कौन-से शब्द हैं जिनमें नाद-सौंदर्य मौजूद है, छाँटकर लिखें।
जैसे बादल उमड़-घुमड़कर बारिश करते हैं वैसे ही कवि के अंतर्मन में भी भावों के बादल उमड़-घुमड़कर कविता के रूप में अभिव्यक्त होते हैं। ऐसे ही किसी प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर अपने उमड़ते भावों को कविता में उतारिए।
कवि ने ‘नवजीवन’ का प्रयोग बादलों के लिए भी किया है। स्पष्ट कीजिए।
बादल आने से पूर्व प्राणियों की मनोदशा का चित्रण कीजिए।
कवि ने बादलों के किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है, स्पष्ट कीजिए।
‘उत्साह’ कविता का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
आपके पाठ्यक्रम की किस कविता में कवि ने बादल से फुहार, रिमझिम तथा बरसने के स्थान पर गरजने के लिए कहा है? इस आहवान का क्या कारण है? अपने शब्दों में लिखिए।
‘उत्साह’ कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'उत्साह' कविता क्रांति और बदलाव की कविता किस प्रकार है? किन्हीं दो बिंदुओं से स्पष्ट कीजिए।
