Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| उस दिन जब मैं पूँजीवादी और समाजवादी अर्थव्यवस्था पर भाषण सुनकर आ रहा था, तो सामने से एक कार आ रही थी। भाषण के प्रभाव से मेरी साइकिल को अधिक जोश आया या कार को गुस्सा अधिक आया, यह मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता; किंतु मेरी साइकिल और वह कार जब करीब आए तो विरोधियों की तरह एक-दूसरे को घृणा की नजरों से देखते हुए आपस में जा भिड़े। मैंने खामखाह पूँजीवादी और समाजवादी के झगड़े में टाँग अड़ाई। फलस्वरूप मेरी टाँग टूट गई। दुर्घटना के बाद आज भी इंसानियत कायम है, यह सिद्ध करने के लिए कुछ लोग मेरी तरफ दौड़े। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) गद्यांश में उल्लिखित दो मुहावरे लिखिए- (2)
(3) (i) समानार्थी शब्द लिखिए- (1)
- गुस्सा - ______
- नजर - ______
(ii) गद्यांश से अंग्रेजी शब्द ढूँढ़कर लिखिए- (1)
- ______
- ______
(4) लेखक की मनोवृत्ति पर 25 से 30 शब्दों में प्रकाश डालिए। (2)
संक्षेप में उत्तर
Advertisements
उत्तर
(1)

(2)
- घृणा की नजरों से देखना
- टाँग अड़ाना
(3) (i)
- गुस्सा - क्रोध
- नजर - दृष्टि
(ii)
- कार
- टाँग
(4) लेखक दुर्घटनाग्रस्त होने के उपरांत भी एकांत चाहता था। उसे आने वाले एवं मिलने वाले मेहमानों से दिक्कत होती थी। वह मन-मसोसकर रह जाता है जब कोई शुभचिंतक अजीब-अजीब व्यवहार करते हैं।
shaalaa.com
वाह रे ! हमदर्द
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
