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प्रश्न
तालिकां पूरयत
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनमग्नः | ______ | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
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उत्तर
| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनमग्नः | पुस्तकपठने मग्नः | सप्तमी- तत्पुरुषः । |
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| लाभः च अलाभः च | ______ | ______ |
अधोलिखित-तालिकायाम् समस्तपदं विग्रह वा लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदानि | विग्रहः |
| 1. | __________ | सप्तानाम् अह्रां समाहारः |
| 2. | पञ्चानां पात्राणां समाहारः | __________ |
| 3. | __________ | त्रयाणां भुवनानां समाहारः |
| 4. | पञ्चरात्रम् | __________ |
| 5. | अष्टाध्यायी | __________ |
अधोलिखितसमस्तपदेभ्यः विग्रहान् विग्रहेभ्यः च समस्तपदानि निर्माय तेषां नामानि अपि लिख्यन्ताम्-
| क्रमः | समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| 1. | मेघश्यामः | _____________ | _____________ |
| 2. | _____________ | न युक्तम् | _____________ |
| 3. | देहाविनाशाय | _____________ | _____________ |
| 4. | _____________ | नीलं च तत् कमलम् | _____________ |
| 5. | _____________ | हर्षेण मिश्रितम् | _____________ |
| 6. | _____________ | कर्कश: ध्वनिः | _____________ |
| 7. | _____________ | पञ्चानां वटानां समाहारः | _____________ |
| 8. | पञ्चानां वटानां समाहारः | _____________ | _____________ |
| 9. | _____________ | स्थिता प्रज्ञा यस्यः सः | _____________ |
| 10. | _____________ | माता च पिता च | _____________ |
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| हस्तस्थम् | हस्ते तिष्ठति इति | ______ |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| अनावश्यकम | ______ | नञ्-तत्पुरुषः |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत ।
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| प्रतिदिनम् | दिनेदिने | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
शुकसारिकाः - ______
समासविग्रहं कुरुत 
सस्यपूर्णम् - ______
समासविग्रहं कुरुत

अश्मखण्डः - ______
समासविग्रहं कुरुत 
हस्तपादम् - ______
षष्ठी तत्पुरुष समासस्य समस्तपदम् अन्विष्य तत्परितः वर्तुलम् आलिखत।

- क्षेत्रस्य पतिः।
- जलस्य व्यवस्थापनम्।
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- भ्रमणस्य समयः।
- क्रियायाः सिद्धिः।
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| सामासिकपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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कृति : – समस्तपदान् अन्विष्य वर्तुलम् आलिखत ।
१) क्षुद्रा बुद्धिः यस्य सः ।
२) विशालौ बाहू यस्य सः ।
३) एकः दन्तः यस्य सः ।
४) लब्धा शिक्षा येन सः ।
५) ईश्वरे निष्ठा यस्य सः ।
६) भाले चन्द्रः यस्य सः ।
७) पद्मं हस्ते यस्याः सा ।
८) गजस्य आननम् एव आननं यस्य सः ।
९) विमलम् अम्बु यस्मिन् तत् ।
१०) महान् उदयः यस्य सः ।
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम | विग्रहः | समासनाम |
| ........... | परमः अणुः | कर्मधारयः। |
समासानां तालिकापूर्ति कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | मातुः सेवा। | ........ |
समासविग्रहाणां समासनामभिः सह मेलनं कुरुत।
| समासविग्रहः | समासनाम |
| किञ्चित् जानाति इति। | षष्ठी - तत्पुरुषः। |
| जलस्य व्यवस्थापनम्। | कर्मधारयः। |
| लगुडः हस्ते यस्य सः। | उपपद - तत्पुरुषः। |
| कवयः च पण्डिताः च। | अव्ययीभावः। |
| अहनि अहनि। | बहुव्रीहिः। |
| मानवता एव धर्मः। | इतरेतर-द्वन्द्वः। |
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
किं वनराजपदाय सुपात्रं चीयते?
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
दीन पुत्रे माता कृपया आर्द्रं हृदयं यस्या: सा भवेत्।
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
कुशलवौ सभां प्रविशत:।
अधोलिखितवाक्यम् रेखाङ्कितपद समासं विग्रहं वा प्रदत्तविकल्पेभ्य: चित्वा लिखत।
सव्यवधानं न चारित्रलोपाय।
