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प्रश्न
स्वयं पढ़ा हुआ यात्रा वर्णन:-
(च) ...................
(छ) ...................
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उत्तर
(च) मैंने अपने मित्रों के साथ ग्रीष्म ऋतु में माथेरान की चार दिन की यात्रा की। वहाँ की हरी-भरी वादियों और शांत वातावरण ने हमें बहुत सुकून दिया। हमने एको पॉइंट की यात्रा की, जहाँ प्राकृतिक गूँज सुनने का अनुभव अद्वितीय था। साथ ही, माथेरान के लोकल बाजार से कुछ हस्तशिल्प उत्पाद खरीदना भी खास रहा। यह यात्रा हमारे लिए मनोरंजन और आराम का बेहतरीन संयोजन थी।
(छ) इस यात्रा-वर्णन को पढ़कर मुझे अनुभव हुआ कि प्राकृतिक स्थल केवल मन को शांति ही नहीं देते, बल्कि नए अनुभवों से भी समृद्ध करते हैं। माथेरान की सुंदरता और वहाँ की खासियतों ने मुझे बहुत प्रभावित किया और मुझे लगा कि ऐसी यात्राएँ जीवन को तरोताज़ा कर देती हैं।
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जोड़ियाँ मिलाइए:
| अ | आ |
| (क) रेगिस्तान का जहाज | सूर्यास्त |
| (ख) मखमली गद्दे | ऊँट |
| (ग) रंग-बिरंगी पोशाक | होटल |
| (घ) पर्यटकों की मंजिल | रेत |
| पर्यटक |
परिच्छेद (वीरभूमि पर कुछ दिन) में प्रयुक्त विलाेम शब्द की जोड़ी लिखिए।
‘मेरा यात्रानुभव’ पर आपके विचार लिखिए।
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स्वयं पढ़ा हुआ यात्रा वर्णन:
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मैं पाठशाला जा रहा था। रास्ते में एक युवक अपनी मोटरसाइकिल आड़ी-टेढ़ी चलाते, अपनी कलाबाजियाँ दिखाते हुए तथा जोर-जोर से हॉर्न बजाकर लोगों को परेशान कर रहा था। उसे देखकर मेरे मन में विचार आए .
"वीरभूमि पर कुछ दिन" पाठ का रचना बोध लिखिए।
