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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांस को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
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सवार - आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है? कर्नल - कंपनी का हुक्म है कि वज़ीर अली को गिरफ्तार किया जाए। सवार - लेकिन इतना लावलश्कर क्या मायने? कर्नल - गिरफ्तारी में मदद देने के लिए। सवार - वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है साहब। कर्नल - क्यों? सवार - वो एक जाँबाज़ सिपाही है। कर्नल - मैंने भी यह सुन रखा है। आप क्या चाहते हैं? सवार - चंद कारतूस। कर्नल - किसलिए? सवार - वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए। कर्नल - ये लो दस कारतूस सवार - (मुसकराते हुए) शुक्रिया। कर्नल - आपका नाम? सवार - वज़ीर अली। आपने मुझे कारतूस दिए, इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ। (ये कहकर बाहर चला जाता है, टापों का शोर सुनाई देता है। कर्नल एक सन्नाटे में है। हक्का-बक्का खड़ा है कि लेफ़्टीनेंट अंदर आता है) लेफ़्टीनेंट - कौन था? कर्नल - (दबी ज़बान से अपने आप से कहता है) एक जाँबाज़ सिपाही। |
- कर्नल ने जंगल में खेमा क्यों लगाया था? [1]
- जंगल में शिकार करने के लिए।
- बड़े अफसरों की आज्ञा-पालन के लिए।
- वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए।
- प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए।
- वज़ीर अली ने अपनी गिरफ़्तारी को मुश्किल क्यों बताया? [1]
- उसे अपनी वीरता और बहादुरी पर दृढ़ विश्वास था।
- उसके पास बाहुबल के साथ सैन्य-बल भी था।
- वह जंगल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ़ था।
- वह अंग्रेजों की योजनाओं से भी परिचित था।
- वज़ीर अली के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का क्यों रह गया? [1]
- वज़ीर रूपी संवार को न पहचानने के कारण
- उसे पकड़ नपाने की असफलता के कारण
- उसकी दिलेरी और बहादुरी के कारण
- उसके खेमे में अकेले आने के कारण
- वज़ीर अली ने कर्नल से कारतूस कैसे प्राप्त किए? [1]
- सवार का रूप धारण करके
- कर्नल की तारीफ करके
- बुद्धि-बल का प्रयोग करके
- अपनी शक्ति का प्रदर्शन करके
- वज़ीर अली द्वारा खेमे से बाहर जाते-जाते अपना परिचय भी दे जाना उसके ______ की पराकाष्ठा है। रिक्त स्थान की पूर्ति उचित विकल्प द्वारा कीजिए) [1]
- साहस
- विश्वास
- देश प्रेम
- स्वाभिमान
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उत्तर
- (C) वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए।
- (A) उसे अपनी वीरता और बहादुरी पर दृढ़ विश्वास था।
- (A) वज़ीर रूपी सवार को न पहचानने के कारण
- (C) बुद्धि-बल का प्रयोग करके
- वज़ीर अली द्वारा खेमे से बाहर जाते-जाते अपना परिचय भी दे जाना उसके साहस की पराकाष्ठा है।
