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प्रश्न
स्थायी पूँजी तथा कार्यशील पूँजी के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
अंतर स्पष्ट करें
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उत्तर
| बिंदु | स्थायी पूँजी | कार्यशील पूँजी | |
| १. | अर्थ | स्थायी पूंजी से तात्पर्य उन भौतिक संपत्तियों से है जिन्हें स्थायी रूप से उपयोग किया जाता है, जैसे स्थिर संपत्तियाँ। | कार्यशील पूंजी का अर्थ चालू परिसंपत्तियों और चालू देनदारियों के अंतर से है। |
| २. | प्रकृति | यह व्यवसाय में लंबे समय तक बनी रहती है। | यह घूर्णनशील (circulating) होती है और निरंतर बदलती रहती है। |
| ३. | उद्देश्य | इसका उपयोग भूमि, भवन, मशीनरी आदि स्थिर संपत्तियों में निवेश के लिए किया जाता है। | इसका उपयोग नकद, देय राशियाँ, भंडार आदि अल्पकालिक परिसंपत्तियों में किया जाता है। |
| ४. | स्रोत | इसे शेयर, डिबेंचर, बॉण्ड तथा दीर्घकालीन ऋणों से प्राप्त किया जा सकता है। | इसे अल्पकालीन ऋण, जमा, व्यापारिक उधार आदि से प्राप्त किया जा सकता है। |
| ५. | निवेश का उद्देश्य | निवेशक इसमें दीर्घकालीन लाभ की अपेक्षा से निवेश करते हैं। | निवेशक इसमें त्वरित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से निवेश करते हैं। |
| ६. | जोखिम | इसमें निवेश अपेक्षाकृत अधिक जोखिमपूर्ण होता है। | इसमें निवेश अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला होता है। |
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