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प्रश्न
स्पष्ट कीजिए की कैसे कर्ता द्वारा किया गया गुनरोपण प्रेक्षक के द्वारा किये गए गुनरोपण से भिन्न होगा।
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उत्तर
किसी व्यक्ति द्वारा द्वारा स्वय के सकारात्क एवं नकारात्मक अनुभव के लिए किये जाने वाले गुनरोपण तथा दूसरे व्यक्ति के सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों के लिए किये जाने वाले गुनरोपण के अंतर् पाया जाता है। इसे कर्ता - प्रेक्षप प्रभाव कहते है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप स्वय परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित करते है। तो आप इसका गुनार ओपन स्वय को योग्यता या कठोर परिश्रम पर करेंगे यदि आप खराब अंक पते है तो आप कहेगे यह इसलिए हुआ क्योकि आप दुर्भाग्यशाली थे, या परीक्षा बहुत कठिन थी, दूसरे ओर, यदि आपका एक सहपाठी इस परीक्षा में अच्छे अंक पाता है तो आप उसकी सफलता को उसके अच्छे भाग गई या सरल परीक्षा पर आरोपित करेंगे यदि वही सहपाठी खराब अंक पाता है तो आपके यह कहने की संभावना है की वह कम योगिता या की कमी के कारण असफल रहा। कर्ता एवं प्रेक्षक की भूमिका में अंतर् का मूल कारण यह है की लोग दूसरो की तुलना में अपनी एक अच्छी छवि चाहते है।
