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प्रश्न
संजय तथा विजय एक फर्म के साझेदार थे तथा 4 : 3 के अनुपात में लाभ-हानि का विभाजन करते थे। 1 अप्रैल, 2025 को उन्होंने फर्म के लाभों में `2/5` भाग के लिए बाबुल को एक नए साझेदार के रूप में फर्म में प्रवेश दिया। बाबुल के प्रवेश पर निम्नलिखित पर सहमति हुई:
- संजय, विजय तथा बाबुल का नया लाभ विभाजन अनुपात 3 : 3 : 4 होगा।
- फर्म की ख्याति का मूल्यांकन पिछले तीन वर्षों के औसत लाभ के चार वर्षों के क्रय के आधार पर किया जायेगा।
पिछले तीन वर्षों के लाभ थे:
वर्ष लाभ (₹) 2022-23 16,500 2023-24 17,500 2024-25 18,500 - बाबुल ख्याति प्रीमियम का अपना भाग नकद लायेगा जिसके आधे का संजय तथा विजय द्वारा आहरण किया जायेगा।
- बाबुल के प्रवेश पर परिसम्पत्तियों के पुनर्मूल्यांकन तथा देयताओं के पुनर्निर्धारण के परिणामस्वरूप ₹ 70,000 की हानि हुई।
- बाबुल के प्रवेश पर फर्म में ₹ 28,000 का सामान्य संचय था।
- ख्याति, पुनर्मूल्यांकन पर हुई हानि तथा सामान्य संचय से सम्बन्धित सभी आवश्यक समायोजनों के पश्चात् संजय तथा विजय के पूँजी खाते क्रमशः ₹ 3,50,000 तथा ₹ 2,50,000 का शेष दर्शा रहे थे। बाबुल फर्म के लाभों में अपने `2/5` भाग के लिए आनुपातिक पूँजी लाया।
अपने कार्य (गणनाओं) को स्पष्ट रूप से दर्शाते हुए बाबुल के प्रवेश पर उपरोक्त लेनदेनों के लिए फर्म की पुस्तकों में आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
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उत्तर
| फर्म की पुस्तकों में रोज़नामचा प्रविष्टियाँ | ||||
| तिथि | विवरण | ब. पृ. स | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
| (i) | बैंक खाता ... नाम | 28,000 | - | |
| ख्याति प्रीमियम खाता से | - | 28,000 | ||
| (बाबुल द्वारा ख्याति का प्रीमियम नकद लाने पर) | ||||
| (ii) | ख्याति प्रीमियम खाता ... नाम | 28,000 | - | |
| संजय के पूँजी खाता से | - | 19,000 | ||
| विजय के पूँजी खाता से | - | 9,000 | ||
| (पुराने साझेदारों द्वारा ख्याति प्रीमियम को 19 : 9 के त्याग अनुपात में बांटने पर) | ||||
| (iii) | संजय का पूँजी खाता ... नाम | 9,500 | - | |
| विजय का पूँजी खाता ... नाम | 4,500 | - | ||
| बैंक खाता से | - | 14,000 | ||
| (पुराने साझेदारों द्वारा ख्याति प्रीमियम की आधी राशि का आहरण करने पर) | ||||
| (iv) | संजय का पूँजी खाता ... नाम | 40,000 | - | |
| विजय का पूँजी खाता ... नाम | 30,000 | - | ||
| पुनर्मूल्यांकन खाता से | - | 70,000 | ||
| (पुनर्मूल्यांकन की हानि को पुराने अनुपात 4 : 3 में बांटने पर) | ||||
| (v) | सामान्य संचय खाता ... नाम | 28,000 | - | |
| संजय के पूँजी खाता से | - | 16,000 | ||
| विजय के पूँजी खाता से | - | 12,000 | ||
| (सामान्य संचय को पुराने अनुपात में बांटने पर) | ||||
| (vi) | बैंक खाता ... नाम | 4,00,000 | - | |
| बाबुल के पूँजी खाता से | - | 4,00,000 | ||
| (बाबुल द्वारा आनुपातिक पूँजी नकद लाने पर) | ||||
कार्यकारी टिप्पणी:
1. त्याग अनुपात की गणना:
त्याग = पुराना भाग – नया भाग
संजय = `4/7 - 3/10`
= `(4 xx 10)/(7 xx 10) - (3 xx 7)/(10 xx 7)`
= `40/70 - 21/70`
= `19/70`
विजय = `3/7 - 3/10`
= `(3 xx 10)/(7 xx 10) - (3 xx 7)/(10 xx 7)`
= `30/70 - 21/70`
= `9/70`
त्याग अनुपात = 19 : 9
2. ख्याति का मूल्यांकन:
औसत लाभ = `(16,500 + 17,500 + 18,500)/3`
= `(52,500)/3`
= 17,500
फर्म की कुल ख्याति = 17,500 × 4 वर्ष
= 70,000
बाबुल का ख्याति में हिस्सा = `70,000 xx 2/5`
= 28,000
3. बाबुल की आनुपातिक पूँजी की गणना: संजय और विजय की समायोजित पूँजी (सभी समायोजनों के बाद दी गई है): = ₹ 3,50,000 + ₹ 2,50,000
= ₹ 6,00,000
नई फर्म में संजय और विजय का संयुक्त भाग = `1 - 2/5`
= `3/5`
नई फर्म की कुल पूँजी = `6,00,000 xx 5/3`
= 10,00,000
बाबुल की पूँजी = `10,00,000 xx 2/5`
= 4,00,000
