Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘संघर्ष के कारण मैं तुनुकमिज़ाजी हो गया’–पाठ किस विधा पर आधारित है?
विकल्प
एकांकी
संस्मरण
जीवनी
साक्षात्कार
Advertisements
उत्तर
साक्षात्कार
स्पष्टीकरण:
‘संघर्ष के कारण मैं तुनुकमिज़ाजी हो गया’ पाठ साक्षात्कार पर आधारित है क्योंकि इसमें नसीरुद्दीन शाह ने स्वयं अपने जीवन के अनुभव साझा किए हैं। यह संवादात्मक शैली में प्रस्तुत है, जो साक्षात्कार विधा की विशेषता होती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
रोहिणी ने मुरलीवाले की बातें सुनकर क्या महसूस किया?
मंजरी ने कनक को अपना खिलौना क्यों दे दिया?
तुम भी सड़क सुरक्षा, प्रदूषण और शिक्षा के बारे में विज्ञापन बनाकर अपने मित्र को दिखाओ तथा पूछो कि उसे तुम्हारा विज्ञापन पसंद आया या नहीं। कारण भी पूछो।
नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-
व ______ ![]()
तुमने अब तक पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त कौन-कौन सी पुस्तकें पढ़ी हैं? उनमें से कुछ के नाम लिखो।
विश्वेश्वरैया के मन में कौन-कौन से सवाल उठते थे?
सुधा के स्वप्नों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया?
शारीरिक शब्द में एक साथ ि ी की मात्राओं का प्रयोग होता है। तुम भी ऐसे ही अन्य शब्द खोजो और यहाँ लिखो।
नमूना → विनती, शारीरिक, नीति
“अच्छा मुझे ज़्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।”
- उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे, भोजपुरी में-एक ठो लइका, चार ठे आलू, तीन ते बटुली।
- ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं/ बोलियों में भी होता है। कक्षा में पता कीजिए कि किस-किस की भाषा-बोली में ऐसा है। इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए।
रक्त के सफ़ेद कणों को 'वीर सिपाही' क्यों कहा गया है?
'माँ मेरी बाट देखती होगी'-नन्ही चिड़िया बार-बार इसी बात को कहती है। आप अपने अनुभव के आधार पर बताइए कि हमारी जिंदगी में माँ का क्या महत्त्व है?
इस कहानी का कोई और शीर्षक देना हो तो आप क्या देना चाहेंगे और क्यों?
बहुविकल्पी प्रश्न
चिड़िया की गरदन का रंग कैसा था?
माधवदास ने किसका निर्माण करवाया था?
माधवदास ने जीवन के अकेलेपन को दूर करने का क्या तरकीब निकाला?
'यह कोई जरूरी नहीं कि शोहरत पैसा भी साथ लेकर आए'-क्या आप धनराज पिल्लै की इस बात से सहमत हैं? अपने अनुभव और बड़ों से बातचीत के आधार पर लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
इनमें से किसे फास्ट फूड के नाम से जाना जाता है।
निबंध में आपने ये पंक्तियाँ पढ़ी हैं-मैं अपने शाल में लपेटकर उसे संगम ले गई। जब गंगा के बीच धार में उसे प्रवाहित किया गया तब उसके पंखों की चंद्रिकाओं से बिंबित प्रतिबिंबित होकर गंगा को चौड़ा पाट एक विशाल मयूर के समान तरंगित हो उठा।’ -इन पंक्तियों में एक भावचित्र है। इसके आधार पर कल्पना कीजिए और लिखिए मोर पंख की चंद्रिका और गंगा की लहरों में क्या-क्या समानताएँ लेखिका ने देखी होगी जिसके कारण गंगा का चौड़ा पाट एक विशाल मयूर पंख के समान तरंगित हो उठा।
1857 के आंदोलन में वीर कुंवर सिंह के योगदानों का वर्णन करें।
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
निढाल होना
