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सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?

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प्रश्न

सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?

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उत्तर

चश्मेवाला एक देशभक्त नागरिक था। उसके हृदय में देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान था। इसलिए लोग उसे कैप्टन कहते थे।

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नेताजी का चश्मा
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अध्याय 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६४]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 10 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
प्रश्न-अभ्यास | Q 1 | पृष्ठ ६४

संबंधित प्रश्न

पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।


जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात्‌ देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।


कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -

(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?

(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?

(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?


सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।


'भई खूब! क्या आइडिया है।' इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?


जिस कस्बे में मूर्ति लगवाई जानी थी उसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।


मूर्ति बनवाने का कार्य स्थानीय ड्राइंग मास्टर को क्यों सौंपना पड़ा?


नगरपालिका मूर्ति लगवाने में ठोस निर्णय क्यों नहीं ले पा रही थी?


नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी खटकती थी?


मूर्ति की कमी को कौन और किस तरह पूरा करने का प्रयास करता था?


कैप्टन कौन था? उसका व्यक्तित्व नाम के विपरीत कैसे था?


कैप्टन मूर्ति के चश्मे को बार-बार क्यों बदल दिया करता था?


हालदार साहब के लिए कैप्टन सहानुभूति का पात्र था? इसे आप कितना उचित समझते हैं?


बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या प्रदर्शित करता है?


निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -

जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है।

दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है।

  1. जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
    1. देशप्रेम की भावना
    2. कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
    3. मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना 
    4. मूर्ति का रख-रखाव न होना
  2. हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
    1. उदारवादी
    2. अकल्पनीय
    3. प्रशंसनीय
    4. बचकाना
  3. “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
    1. कस्बे के लिए 
    2. चौराहे के लिए
    3. नगरपालिका के लिए
    4. उत्साही लेखक के लिए
  4. उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
    1. मूर्ति ने कपड़े पहने हैं 
    2. मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
    3. मूर्ति पर चश्मा बदल गया है 
    4. मूर्ति को पेंट कर दिया है
  5. हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
    1. कस्बे में लगी मूर्ति देखने
    2. अपनी फैक्टरी का काम देखने
    3. अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
    4. कम्पनी के काम से कस्बे से आगे

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

       जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।

       दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है। पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। हालदार साहब का कौतूहल और बढ़ा। वाह भई! क्या आइडिया है। मूर्ति कपड़े नहीं बदल सकती लेकिन चश्मा तो बदल ही सकती है।

  1. 'जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई' अर्थात
    A. जीप कस्बे में बिना रुके आगे बढ़ गई।
    B. जीप कस्बे में रुक कर आगे बढ़ गई।
    C. जीप कस्बे में रुक गई।
    D. जीप कस्बे में नहीं गई।
  2. हालदार साहब किसके विषय में सोचते रहे?
    A. नेताजी के बारे में
    B. मूर्ति के बारे में
    C. चौराहे के बारे में
    D. कस्बे के बारे में
  3. 'वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।' से आशय है...
    A. आजकल देशभक्त होना संभव नहीं है।
    B. आजकल देशभक्त होना हास्यास्पद हो गया है।
    C. आजकल सभी देशभक्त हो गए हैं।
    D. आजकल देशभक्ति की प्रासंगिकता नहीं है।
  4. दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में क्या अंतर दिखाई दिया?
    A. मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।
    B. मूर्ति पर पुराना चश्मा था।
    C. मूर्ति पर एक नया चश्मा था।
    D. मूर्ति छतिग्रस्त थी।
  5. 'नेताजी का चश्मा' पाठ..
    A. देशभक्ति के भाव पर व्यंग्य करता है।
    B. देशभक्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।
    C. देशभक्ति के महत्व को स्थापित करता है।
    D. देशभक्ति के प्रति उम्मीद जगाता है।

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए कि-

हालदार साहब का कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

हालदार साहब को नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी नज़र आई और उन्होंने उसके कारण के विषय में क्या-क्या अनुमान लगाया?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर लगा चश्मा अकसर क्यों बदल देता था? उसकी इस हरकत से आपके मन में उसके प्रति कौन-से भाव आते हैं?


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