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‘सारा आकाश’ उपन्यास के आधार पर समर के बाबूजी का चरित्र-चित्रण कीजिए। - Hindi (Indian Languages)

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प्रश्न

‘सारा आकाश’ उपन्यास के आधार पर समर के बाबूजी का चरित्र-चित्रण कीजिए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

समर के बाबूजी पद पर हैं। उनका बहुत बड़ा परिवार है। उनके चार पुत्र हैं: धीरज, समर, अमर, कुंवर और मुन्नी। वे संयुक्त परिवार को सहयोग देते हैं। आर्थिक स्थिति खराब थी। वे क्रोधित भी हैं। वे रूढ़िवादी मान्यताओं को मानते थे। महिला शिक्षा को प्रोत्साहित नहीं करते। मुन्नी की पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है और उसे शादी कर दी जाती है। पर्दे की संस्कृति का समर्थन करते हैं। यही कारण है कि प्रभा भी घूंघट न निकालने पर डॉट दी जाती है। बाबूजी भी दहेज के पक्षधर हैं। वे भी समर के मामाजी से शिकायत करते हैं कि उसके ससुराल वालों ने उसके विवाह में कुछ भी नहीं दिया। अमर कहते हैं कि विवाह प्रस्ताव आने पर लेन-देन साफ होगा। बाबूजी की भाषा भी कमजोर थी। Babaji को पच्चीस रुपये पेंशन मिलते। घर में पैसे की कमी हमेशा रहती थी।

बाबूजी बहुत प्रेमपूर्ण थे। भले ही उनके संवादों और व्यवहार में कठोरता थी। वे चिड़चिड़े हैं। ठाकुर साहब चाहते हैं कि घर में उनके निर्देशों के अनुसार सब कुछ हो। संक्षेप में, ठाकुर साहब एक रूढ़िवादी और दहेज लोभी पिता हैं।

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