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प्रश्न
सामाजिक नियंत्रण क्या है? क्या आप सोचते हैं कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक नियंत्रण के साधन अलग-अलग होते हैं? चर्चा करें।
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उत्तर
'सामाजिक नियंत्रण' शब्द का सरोकार उस सामाजिक प्रक्रिया से है, जिसके द्वारा व्यक्ति या समूह के व्यवहार को नियंत्रित किया जाता है। समाज मानवों का सामंजस्यपूर्ण संघ है, जिनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अपना कार्य तदनुसार करें। अस्तित्व और विकास के लिए समाज को अपने सदस्यों पर निश्चित नियंत्रण रखना पड़ता है। ऐसे नियंत्रणों को सामाजिक नियंत्रण कहा जाता है। परिणामतःसामाजिक नियंत्रण किसी भी समाज को परिष्कृत कर देने वाला लक्षण है। सामाजिक नियंत्रण व्यक्तियों एवं समूहों के अप्रत्याशित व्यवहारों को नियंत्रित करने में सहायता करता है। इसका प्रयोग समाज समग्र रूप से समूह के कल्याण व उन्नति के लिए करता है। सामाजिक नियंत्रण का स्वरूप एक समाज से दूसरे समाज में बदल जाता है, क्योंकि प्रत्येक समाज के अपने नियम एवं प्रतिमान हैं। समाज के विभिन्न प्रकार जैसे व्यक्तिवादी/व्यष्टिवादी समाज या जन सामूहिक समाज अपने सदस्यों से विविध अपेक्षाएँ रखते हैं। भारतीय सांस्कृतिक मूल्य और जीवन के सामान्य मानक/मानदण्ड पश्चिमी व्यक्तिवादी समाज से अलग हैं। तदनुसार उस विशिष्ट समाज में परिवार व्यवस्था, विवाह पद्धति, सकारात्मक एवं नकारात्मक परिपाटियाँ, धर्म तथा शिक्षा व्यवस्था विकसित की गई हैं। उस विशिष्ट समाज के सदस्यों को इन व्यवस्थाओं की आज्ञा का पालन करना चाहिए। समाज किसी खास विशिष्ट समाज के लिए उचित सामाजिक नियंत्रण को विकसित करता है।
