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साक्षात्कार पढ़कर आपके मन में धनराज पिल्लै की कैसी छवि उभरती है? वर्णन कीजिए।

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प्रश्न

साक्षात्कार पढ़कर आपके मन में धनराज पिल्लै की कैसी छवि उभरती है? वर्णन कीजिए।

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उत्तर

जैसे कि साक्षात्कार में उल्लेख किया गया है, धनराज पिल्लै दुबली कद-काठी के हैं। वे बहुत जुझारू स्वभाव के हैं व अपने आपको बहुत असुरक्षित महसूस करते हैं। बचपन का समय संघर्षपूर्ण होने के कारण वे तुनुकमिज़ाजी हैं। इन्हें गुस्सा अधिक आता है। वे अपने घर परिवार की बहुत इज्ज़त करते हैं। पहले वे अपनी पढ़ाई-लिखाई को लेकर खुद को हीन समझते थे, लेकिन बाद में हॉकी से मिली प्रसिद्धि के बाद उन्हें खुद पर गर्व है।

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गद्य (Prose) (Class 7)
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अध्याय 18: संघर्ष के कारण मैं तुनुकमिज़ाज हो गया: धनराज - साक्षात्कार से [पृष्ठ १३३]

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एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 18 संघर्ष के कारण मैं तुनुकमिज़ाज हो गया: धनराज
साक्षात्कार से | Q 1 | पृष्ठ १३३

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