Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रवींद्रनाथ टैगोर जी की किसी अनुवादित कविता/कहानी का आशय समझते हुए वाचन कीजिए।
Advertisements
उत्तर
मैं एक रवींद्रनाथ टैगोर की कविता "Where the Mind is Without Fear" का एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह कविता उनके उपनिषदी बांधु (Upanishadic) विचारों को सार्थक रूप से व्यक्त करती है। और स्वतंत्रता संग्राम के समय के रूप में भी प्रसिद्ध है।
जहां मन निर्भीक हो और सिर ऊँचा रहे,
जहां ज्ञान मुक्त हो,
जहां दुनिया को टुकड़ों में नहीं बाँटा गया हो,
अंगुलियों की छोटी सी दीवारों से,
जहां शब्द सच्चाई की गहराईयों से निकलें,
जहां अविरत प्रयास पूर्णता की दिशा में हो,
जहां तर्क की स्पष्ट धारा अपनी राह नहीं खो चुकी है,
मृत आदत की बेहद बेकार रेगिस्तान में,
जहां मन तुम्हारे माध्यम से आगे बढ़ा रहा है,
सदैव बढ़ती विचार और क्रिया की दिशा में,
उस स्वतंत्रता के स्वर्ग में, मेरे पिताजी, मेरा देश जागरूक हो।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
विद्यालय के काव्य पाठ में सहभागी होकर अपनी पसंद की कोई कविता प्रस्तुत कीजिए :
आठ से दस पंक्तियों के पठित गद्यांश का अनुवाद एवं लिप्यंतरण कीजिए।
किसी काव्य संग्रह से कोई कविता पढ़कर उसका आशय निम्न मुद्दों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

कविता से मिलने वाली प्रेरणा:
(क) ______
(ख) ______
‘किताबों में बहुत अच्छा लिखा है, लिखे को कोई पढ़ता क्यों नहीं’ इन पंक्तियों द्वारा कवि संदेश देना चाहते हैं।
कविता में आए अर्थ पूर्ण शब्द अक्षर सारणी से खोजकर तैयार कीजिए:

‘मैं चिड़िया बोल रही हूँ’ विषय पर स्वयंस्फूर्त लेखन कीजिए ।
हिंदी गजलकारों के नाम तथा उनकी प्रसिद्ध गजलों की सूची बनाइए।
