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पुष्पों में निषेचन का प्रक्रम किस प्रकार संपन्न होता है? - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

पुष्पों में निषेचन का प्रक्रम किस प्रकार संपन्न होता है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर १

  • जब पराग वर्तिकाग्र पर उतरता है, तो यह अंकुरित होता है और एक पराग नली को जन्म देता है जो वर्तिका से होकर स्त्रीकेसर के अंडाशय तक पहुँचती है। जब पराग नली बीजांड तक पहुँचती है, तो यह नर युग्मक को मुक्त करती है।
  • बीजांड में एक नर युग्मक मादा युग्मक के साथ जुड़ जाता है। इस प्रक्रिया को निषेचन के रूप में जाना जाता है। नर और मादा युग्मक के संलयन के बाद जो कोशिका बनती है उसे युग्मनज के रूप में जाना जाता है।
  • यह युग्मनज बीज के अंदर मौजूद भ्रूण को बनाने के लिए कई बार विभाजित होता है।

                   निषेचन (युर्मनज़ निर्माण)

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उत्तर २

सभी परागकणों की भीतरी रचना प्रायः मिलती-जुलती होती है। प्रत्येक परागकण के दो चोल होते हैं - आंतरिक चोल तथा बाह्य चोल। जब परागकण वर्तिकाग्र पर गिरता है तो अंकुरित होने लगता है और तब बाह्य चोल टूट जाता है। इस नलिका को परागनली कहते हैं। परागनली बीजाणु द्वारा बीजांड में प्रवेश करती है और भ्रूणकोश तक पहुँच जाती है। जनन नाभिक दो नर नाभिकों में बँट जाता हैं। इनमें से एक नर नाभिक अंड कोशिका के साथ मिलता है, इसे निषेचन कहते हैं।

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पौधों में दोहरा निषेचन
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अध्याय 8: पादप में जनन - अभ्यास [पृष्ठ ९४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 7
अध्याय 8 पादप में जनन
अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ ९४
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