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प्रौढ़ावस्था में प्रवेश करने पर व्यक्तियों को कौन-कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

प्रौढ़ावस्था में प्रवेश करने पर व्यक्तियों को कौन-कौन सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

प्रारंभिक प्रौढ़ावस्था के दो मुख्य कार्य हैं, प्रौढ़ जीवन की संभावनाओं को तलाशना तथा एक स्थायी जीवन की संरचना का विकास करना|

जीविका एवं कार्य: उम्र के 20वें एवं 30वें वर्ष के लोगों के लिए एक जीविका प्राप्त करना, व्यवसाय का चयन करना तथा एक जीविका विकसित करना महत्वपूर्ण कार्य होता है। व्यावसायिक जीवन में प्रवेश करना किसी भी व्यक्ति के जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना होती है। विभिन्न प्रकार के समायोजन करने, अपनी दक्षता व निष्पादन को सिद्ध करने, प्रतिस्पर्धा का सामना करने तथा अपने एवं नियोजक को प्रत्याशाओँ के पति समायोजन स्थापित करने से संबंधित अनेक प्रकार की आशंकाएँ होती है। नयी भूमिकाओं एवं दायित्वों का यह आरंभ भी होता है। जीविका विकसित करना एवं उसका मूल्यांकन करना प्रौढ़ावस्था का एक मुख्य कार्य बन जाता है|

विवाह, मातृपितृत्व एवं परिवार: वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने पर युवा वयस्कों को दूसरे व्यक्ति को समझना (यदि वह पहले से ज्ञात नहीं है) एवं एक दूसरे की पसंद, नापसंद एवं रुचि को जानना इत्यादि के प्रति समायोजन स्थापित करना पड़ता हैं| यदि दोनों साथी कार्यरत हैं तो समायोजन के लिए घर को भूमिकाओं और दायित्वों के निष्पादन में सहभागिता अनावश्यक होती है|

विवाह के अतिरिक्त, माता या पिता बनना युवा वयस्क के जीवन में एक कठिन एवं दबावमय संक्रमण होता है, यद्यपि यह सामान्यतया बच्चे के लिए प्रेम की अनुभूति से जुड़ा होता है|

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प्रौढ़ावस्था एवं वृद्धावस्था
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अध्याय 4: मानव विकास - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ ८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
अध्याय 4 मानव विकास
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 10. | पृष्ठ ८६
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