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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उतर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
| पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, सपंदा आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है। यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं। पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बैंटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है। पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है। बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से मगाना शुरू कर दिया है। बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया। अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं। नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे। |
- अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर देन का आशय है- [1]
- धरती पर ऊँची-ऊँची इमारतों का निर्माण
- धरती को देश की सीमाओं में बाँधना
- प्रकृति के अन्य जीवों और तत्वों से दूरी
- बुद्धि-बल से प्रकृति को नियंत्रित करना
- बंबई निवासी ईश्वर से प्रार्थना क्यों करने लगे? [1]
- ईश्वर की प्रार्थना करना उनका दैनिक कर्म था।
- प्रार्थना करके वे अपने-अपने पूजा-स्थलों को बचा सकते थे।
- वे अपने तरीके से अपने प्रार्थना की शक्ति परखना चाहते थे।
- प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा।
- निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए: [1]
कथन: मानव और प्रकृति के बीच बढ़ते असंतुलन का मुख्य कारण मानव की बढ़ती स्वार्थपरता है।
कारण: बुद्धि के विकास ने ही मानव को अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाया जिससे अंततः पर्यावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ।
विकल्प:- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
- कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- प्रकृति के असंतुलन का परिणाम नहीं है: [1]
- मौसम चक्र में परिवर्तन
- विकास-दर में वृद्धि
- प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी
- नए-नए रोगों की उत्पत्ति
- ‘पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था’ - का भाव है: [1]
- पहले संसार परिवार की सीमाओं में नहीं बैंटा था।
- पहले संसार में अलग-अलग देश ही नहीं थे।
- पहले लोग मानव और प्रकृति के संबंधों से अनजान थे।
- पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे।
आकलन
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उत्तर
- (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्वों से दूरी।
- (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है।
- (B) विकास-दर में वृद्धि।
- (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे।
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