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प्रश्न
पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टाः कृतीः कुरुत। (५ तः ४) ४
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निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु लक्ष्मीः समाविशतु गच्छतु वा यथेष्टम्। अद्यैव वा मरणमस्तु युगान्तरे वा न्याय्यात्पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः।। रामाभिषेके जलमाहरन्त्या हस्तात् सृतो हेमघटो युवत्याः। सोपानमार्गेण करोति शब्दं ठंठं ठठं ठं ठठठं ठठं ठः॥ वाचनं ज्ञानदं बाल्ये तारुण्ये शीलरक्षकम्। वार्धक्ये दुःखहरणं हितं सदग्रन्थवाचनम्।। |
(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
कः शब्दं करोति?
(ख) विशेषण-विशेष्ययोः मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| (१) हितम् | पथः |
| (२) न्याय्यात् | सोपानमार्गेण |
| सदग्रन्थवाचनम् |
(ग) स्तम्भपूरणं कुरुत।
| ....... | निन्दन्तु | स्तुवन्तु | वा |
| लक्ष्मीः | ....... | गच्छतु | वा |
(घ) पद्यांशात् २ सप्तमी-विभक्त्यन्तपदे चित्वा लिखत।
(च) पूर्वपदम्/उत्तरपदं लिखत।
- अदैव = अद्य + ------।
- मरणमस्तु = ------ + अस्तु।
आकलन
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उत्तर
(क) हेमघटः शब्दं करोति।
(ख)
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| (१) हितम् | सदग्रन्थवाचनम् |
| (२) न्याय्यात् | पथः |
(ग)
| नीतिनिपुणाः | निन्दन्तु | स्तुवन्तु | वा |
| लक्ष्मीः | समाविशतु | गच्छतु | वा |
(घ)
- युगान्तरे/तारुण्ये
- रामाभिषेके/वार्धक्ये।
(च)
- अदैव = अद्य + एव।
- मरणमस्तु = मरणम् + अस्तु।
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