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पढ़ाई और परीक्षाओं के प्रति बड़े भाई साहब और छोटे भाई के दृष्टिकोण में क्या मौलिक अंतर है? आपके विचार से दोनों में सामंजस्य किस प्रकार बिठाया जा सकता है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

लगभग 80-100 शब्दों में उत्तर लिखिए:

पढ़ाई और परीक्षाओं के प्रति बड़े भाई साहब और छोटे भाई के दृष्टिकोण में क्या मौलिक अंतर है? आपके विचार से दोनों में सामंजस्य किस प्रकार बिठाया जा सकता है?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

परीक्षा और पढ़ाई के प्रति बड़े भाई साहब और छोटे भाई के दृष्टिकोण में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं। जबकि छोटे भाई पढ़ाई को रोचक और आम बात समझते थे, बड़े भाई पढ़ाई को जीवन से जोड़कर उसके व्यावहारिक और उपयोगी रूप को देखते थे। वे कहते थे कि शिक्षा पाने के लिए आँखें फोड़नी पड़ती हैं और खून बहाना पड़ता है, फिर कहीं जाकर ज्ञान मिलता है। मन की इच्छाओं को नियंत्रित करना पड़ता है। छोटा भाई खेल-कूद को अधिक प्राथमिकता देता था। उसने सोचा कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना ही उसकी सफलता का कारण होगा। वह साहित्य से दूर रहता था। वास्तव में, जीवन में सफलता के लिए दोनों में समझौता होना चाहिए। परीक्षा उत्तीर्ण करना बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। बुद्धि को विकसित करना महत्वपूर्ण है। जीवन में खेल-कूद और पढ़ाई दोनों का उचित महत्त्व होना चाहिए।

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2019-2020 (March) Outside Delhi set 3
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