Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पटेल और गांधी जी जैसे नेताओं ने देश के लिए अपना चैन तक त्याग दिया था। आप अपने देश के लिए क्या करना चाहेंगे?
Advertisements
उत्तर
गांधी और पटेल अत्यंत उच्च कोटि के देशभक्त एवं नेता था। उनके जैसा त्याग करना सामान्य आदमी के बस की बात नहीं। उनमें नि:स्वार्थ काम करने की जन्मजात भावना थी। उन्हीं लोगों से प्रेरित होकर मैं अपने देश के लिए निम्नलिखित कार्य करना चाहूँगा-
- मैं अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दूंगा।
- अपने देश से प्रेम और सच्चा लगाव रबँगा।
- अपने देश की बुराई भूलकर भी नहीं करूंगा, न सुनूंगा।
- देश को साफ़-सुथरा बनाने का प्रयास करूंगा।
- देश की समस्याओं के समाधान में अपना योगदान दूंगा।
- देश की उन्नति एवं शान बढ़ाने वाले काम करूंगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?
गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका की भूमिका निभा रहा था?
कैलाश नगर के ज़िलाधिकारी ने आलू की खेती के विषय में लेखक को क्या जानकारी दी?
तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
सांप्रदायिक दंगों की खबर पढ़कर लेखक कौन-सी प्रार्थना करने लगा?
हामिद खाँ की दुकान का चित्रण कीजिए।
पता कीजिए कि कौन-से साँप विषेले होते हैं? उनके चित्र एकत्र कीजिए और भित्ति पत्रिका में लगाइए।
बूढ़ी महिला द्वारा खरबूजे बेचे जाने को लोग घृणित कार्य क्यों समझ रहे थे?
बुढ़िया के दुख से दुखी लेखक को किसकी याद आई?
कभी-कभी पोशाकें मनुष्य के लिए बाधक सिद्ध होती हैं। ऐसी पोशाकों की तुलना किससे की है और क्यों ?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
हिमस्खलन से कितने लोगों की मृत्यु हुई और कितने घायल हुए?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
मृत्यु के अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने क्या कहा?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
महादेव भाई की साहित्यिक देन क्या है?
दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
महादेव भाई स्वयं को गांधी जी का ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ क्यों कहते थे?
लेखक ने महादेव के स्वभाव की तुलना किससे की है और क्यों?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।
उदाहरण के अनुसार शब्दों के विपरीतार्थक लिखिए-
- सुगम – दुर्गम
- ईमान – _______
- धर्म – ________
- स्वार्थ – ________
- साधारण – ________
- नियंत्रित – ________
- दुरुपयोग – ________
- स्वाधीनता – ________
