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प्रश्न
पानीपत युद्ध के परिणाम।
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
- 14 जनवरी 1761 को मराठों ने अब्दाली की सेना पर हमला करके पानीपत की तीसरी लड़ाई शुरू की।
- इस युद्ध में मराठों की हार हुई और उन्हें भारी क्षति उठानी पड़ी।
- महाराष्ट्र के युवाओं की एक पूरी पीढ़ी, जिसमें पेशवा के बेटे विश्वासराव और कई बहादुर सरदार शामिल थे, युद्ध के मैदान में मारे गए। सदाशिवराव भाऊ भी युद्ध के मैदान में लापता हो गए। इस युद्ध में लगभग 150000 लोग मारे गए।
- मराठों की हार का फायदा उठाकर निज़ाम ने मराठा क्षेत्र पर फिर से आक्रमण किया।
- मैसूर के सुल्तान हैदर अली ने भी कर्नाटक में मराठा क्षेत्र पर हमला किया।
- निज़ाम को पैठण के पास राक्षसभुवन में पेशवा माधवराव के नेतृत्व में मराठों ने हराया था, जबकि हैदर अली को श्रीरंगपट्टन के पास मोती तलाव में मराठों ने हराया था। मराठों ने पानीपत की इस बड़ी हार को भुलाकर उत्तर की राजनीति में अपना वर्चस्व फिर से स्थापित किया।
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