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पाकिस्तान के लोकतंत्रीकरण में कौन - कौन सी कठिनाइयाँ हैं?

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प्रश्न

पाकिस्तान के लोकतंत्रीकरण में कौन - कौन सी कठिनाइयाँ हैं?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

पाकिस्तान में लोकतंत्रीकरण के रास्ते में कठिनाइयाँ: पाकिस्तान में कभी लोकतंत्र शासन चलता है तो कभी सैन्य शासन। वहाँ लोकतंत्र को स्थयित्व नहीं मिल पाया है बेशक वहाँ स्वतंत्र और प्रभावकारी प्रैस भी है और लोगों में लोकतंत्र के प्रति विश्वास भी। वहाँ सैन्यशक्ति स्थापित होने और लोकतंत्र को मजबूत होने से रोकने में निम्नलिखित कारक भूमिका निभाते हैं -

  1. पाकिस्तान में आरंभ से ही सैन्य शक्ति पर नागरिक प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है।
  2. पाकिस्तान की सामाजिक व्यवस्था में भूस्वामियों, कटटरपंथी, धार्मिक नेताओं तथा सेना का दबदबा है और अवसर मिलते ही सैनिक शक्ति नागरिक प्रशासन पर प्रभावी हो जाती है।
  3. पाकिस्तान के सामाजिक दल शुद्ध राजनितिक तथा आर्थिक मुद्दों पर आधारित नहीं है और उनमें आपसी खींचातानी बनी रहती है जिसका लाभ सैनिक अधिकारी उठाते हैं। जनता भी इनकी खींचातानी से तंग आ जाती है।
  4. लोकतान्त्रिक सरकारों भी विदेशी सहायता पर मजे करती आई है और देश में सामाजिक, आर्थिक विकास की ओर ध्यान नहीं देतीं। जनता में प्रशासन के प्रति असंतोष बना रहता है।
  5. निर्वाचित सरकारें भ्र्ष्टाचार मुक्त प्रशासन स्थापित नहीं कर पाई हैं और उनके काल में राजनितिक दल अपनी हित पूर्ति को प्राथमिकता देते रहे हैं तथा भ्र्ष्टाचार बढ़ता जाता है और सैनिक शक्ति इस का लाभ उठाकर जनता को भ्र्ष्टाचार समाप्त करके स्वच्छ शासन का वायदा देती है।
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पाकिस्तान में सेना और लोकतंत्र
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अध्याय 5: समकालीन दक्षिण एशिया - प्रश्नावली [पृष्ठ ७९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rajneeti Vigyaan Samkaalin Vishv Rajneeti [Hindi] Class 12
अध्याय 5 समकालीन दक्षिण एशिया
प्रश्नावली | Q 3. | पृष्ठ ७९
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