Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
मित्रों द्वारा प्रेरित किए जाने पर भी जयशंकर प्रसाद अपनी आत्मकथा क्यों नहीं लिखना चाहते थे?
Advertisements
उत्तर
सामने घटित वास्तविक घटना को प्रत्यक्ष अनुभव कहा जाता है, और जब उस घटना से मानव हृदय में संवेदना उत्पन्न होती है, तो वह अनुभूति कहलाती है। प्रत्यक्ष अनुभव की तुलना में अनुभूति व्यक्ति की संवेदनाओं और कल्पनाओं को अधिक गहराई से प्रभावित करती है। इन्हीं के माध्यम से व्यक्ति उस सत्य को भी आत्मसात कर लेता है, जो उसने प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा। लेखक का यह मानना है कि, लेखन के लिए प्रेरणा अनुभूति से ही मिलती है। जापान यात्रा के दौरान, लेखक ने हिरोशिमा की त्रासदी को देखने के बावजूद तत्काल उस दुखद घटना की गहरी अनुभूति नहीं की, इसलिए उन्होंने उस समय कुछ नहीं लिखा। लेकिन जब वे जापान की सड़कों पर घूमते हुए एक जले हुए पत्थर पर पड़ी एक लंबी छाया को देख रहे थे, तब वे हिरोशिमा के बम विस्फोट की पीड़ा को महसूस करने लगे। इसी संवेदना से प्रेरित होकर, भारत लौटने पर उन्होंने रेल यात्रा के दौरान वह कविता लिखी।
